तिहरे हत्याकांड के आरोपियों को उम्रकैद
झुंझुनूं . सुलताना में मां बेटों समेत तीन की हत्या के आरोपियों को अपर सेशन न्यायाधीश संख्या एक झुंझुनूं ((कैंप चिड़ावा)) ने गुरुवार को आजीवन कारावास की सजा दी है। आरोपी महिपाल पुत्र पप्पू कुमावत निवासी सुलताना हाल श्योराण की ढाणी तन देवरोड व दलबीर सिंह उर्फ झिंडू पुत्र लक्ष्मणसिंह राजपूत निवासी सुलताना हाल मंड्रेला है।
पुलिस जांच में ये खुलासा हुआ कि आरोपी महिपाल ने धन हड़पने की नीयत से अपने मित्र के साथ मिलकर मौसी व उसके दोनों पुत्रों की चाकू से हत्या कर दी। वारदात के समय आरोपी का मौसा विदेश में था। पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों महिपाल व दलबीर सिंह उर्फ झिंडू के विरुद्ध चालान पेश कर दिया। परिवादी की ओर से कुल 30 गवाहों के बयान कराए गए। न्यायाधीश विक्रांत गुप्ता ने दोनों आरोपियों महिपाल व दलबीर सिंह उर्फ झिंडू को आजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई। रा\\\'य सरकार की तरफ से पैरवी सहायक निदेशक अभियोजन राधेश्याम जांगिड़ ने की।
यह था मामला
मामले के अनुसार 6 अप्रैल 2009 को रात 12:20 सुलताना के वार्ड 21 निवासी बनवारीलाल पुत्र भोलाराम कुम्हार ने रिपोर्ट दी कि उसका भाई नानडऱाम सउदी अरब में रहता है तथा घर पर उसकी पत्नी उमा देवी, लड़का सुरेंद्र व धर्मेंद्र रहते है। 5 अप्रैल 2009 को शाम साढ़े सात बजे वह घर पर पहुंचा तो नानडऱाम के घर पर बकरी बोलने की आवाज आई, जिस पर मुन्ना घर के ताला लगा होने के कारण दीवार फांदकर अंदर चला गया। उसने ने \\\'योंही अंदर का गेट खोला तो सुरेंद्र ((18)) की लाश गैलरी में पड़ी दिखाई दी तथा उसके आगे चौक में धर्मेंद्र ((13)) की लाश दिखाई दी तो मुन्ना डर कर भागकर आया। इस बारे में उसे बताया तो उसने अपने छोटे भाई चौथमल को बुलाया व पुलिस को टेलीफोन किया। फिर नानड़ के मकानों में जाकर देखा तो सुरेंद्र की लाश गैलेरी में धर्मेंद्र की लाश चौक में तथा उमा देवी ((38)) की लाश रसोई में पड़ी हुई थी।
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