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राहुल के फार्मूले का झुंझुनूं जिला कांग्र्रेस में विरोध
भास्कर न्यूज - झुंझुनूं
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का झुंझुनूं लोकसभा सीट के लिए पार्टी प्रत्याशी तय करने का फार्मूला जिले के नेताओं का रास नहीं आ रहा। सोमवार को बैठक में जिला अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों ने इसका विरोध किया। जिला प्रमुख आवास परिसर में हुई बैठक में जिले के प्रभारी सचिव खानू खान बुधवाली भी मौजूद थे।
बैठक में शुरुआत से ही इस फॉमूले का विरोध हुआ। प्रदेश कांग्रेस के सचिव एवं जिला प्रभारी खानू खान बुधवाली ने इस पर सफाई देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि देश में 15 ऐसे संसदीय क्षेत्र हैं जहां कांग्रेस प्रत्याशी का चयन उस क्षेत्र के पदाधिकारी, ब्लॉक पदाधिकारी, विधायक, कांग्रेस के अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी, विधानसभा चुनाव में हारे पार्टी के उम्मीदवारों की राय से होगा। यह हाईकमान ने तय किया है। इसके लिए प्रदेश प्रभारी गुरुदास कामत, पीसीसी चीफ सचिन पायलट व अन्य बड़े नेता आएंगे।
बैठक में जिलाध्यक्ष महेंद्र झाझडिय़ा ने कहा कि झुंझुनूं हमेशा कांग्रेस का गढ़ रहा है। यह देश की एक मात्र सीट है, जहां प्रारंभ से कांग्रेस जीत पक्की मानी जाती रही है। ऐसे में हाईकमान का यहां वोटिंग कराकर टिकट तय करना समझ से परे है। इस बारे में हाईकमान को भी बताया जाए। उन्होंने कहा कि जिले के कांग्रेसजन डॉ. राजबाला ओला को टिकट देने के पक्ष में हैं। इकबाल मलवाण ने कहा कि ओला परिवार को टिकट न देने का मतलब भाजपा को सीट थाली में परोसना होगा। नगर परिषद सभापति खालिद हुसैन, खलील बुडाना, पूर्व जिलाध्यक्ष हफीज खान, सदीक खान ने भी संबोधित किया।
भाजपा सरकार को कोसा
बुधवाली ने कहा कि रा\\\'य की भाजपा सरकार ने 60 में से 45 दिन कांग्रेस के कार्यों की समीक्षा में गुजार दिए। पार्टी ने शेखावाटी यनिवर्सिटी का नाम बदला और प्रतापपुरा में दंगे करवाए। ब्राह्मण समाज की केबीनेट में उपेक्षा की है। युवाओं को ‘आरटेट’ खत्म करने का झांसा देने वाली वसुंधरा राजे अब टेट की आड़ में भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं कर रही हैं। तबादले करके अधिकारियों में खौफ पैदा कर दिया है।