महाशक्तियों को हराने वाले योद्धा / महाशक्तियों को हराने वाले योद्धा

Jodhpur News - मार्क थाम्पसनअधिकतर सैनिक कमांडर एक युद्ध जीतकर ही खुश हो जाते हैं। लेकिन, उत्तर वियतनाम के जनरल वो नुग्येन...

Oct 13, 2013, 03:18 AM IST
मार्क थाम्पसन
अधिकतर सैनिक कमांडर एक युद्ध जीतकर ही खुश हो जाते हैं। लेकिन, उत्तर वियतनाम के जनरल वो नुग्येन गियाप को दो महाशक्तियों को युध्द के मैदान में पछाडऩे का श्रेय है। उनकी अगुआई मे वियतनामी सेना ने दिएन बिएन फू में फ्रांसीसी सेना के पांव उखाड़ दिए थे। फ्रांस को हिंद चीन से हटना पड़ा था। वे 1968 में देश के प्रतिरक्षा मंत्री थे। टेट में भीषण हमले की उनकी रणनीति के कारण अमेरिकी फौजों को वियतनाम छोडऩे का निर्णय हड़बड़ी में लेना पड़ा था। इसके साथ दक्षिण वियतनाम का पतन हो गया।
4 अक्टूबर को 102 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उत्तर वियतनाम के कम्युनिस्ट नेता हो ची मिन्ह उनके गुरू थे। गियाप लड़ाई में हजारों वियतनामी सैनिकों को बलिदान करने के लिए तैयार रहते थे। वियतनाम में 1964 से 1968 तक अमेरिकी सेना के कमांडर रहे जनरल विलियम वेस्टमोरलैंड ने कहा था, अगर किसी अन्य अमेरिकी जनरल के रहते इतने अमेरिकी सैनिकों की मौत होती तो वह तीन हफ्ते तक नहीं टिक सकता था। जनरल वेस्टमोरलैंड हमेशा मृत वियतनामी सैनिकों की संख्या गिनाते रहते थे। दरअसल, वियतनामी अपनी मातृभूमि के लिए लड़ रहे थे। वाशिंगटन यह नहीं समझ सका कि साम्यवाद नहीं बल्कि राष्ट्रवाद वियतनामियों को अमेरिका के खिलाफ लडऩे के लिए प्रेरित करता था।
X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना