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लोक सूचना अधिकारी जगह संविदाकर्मी ने की आयोग में पैरवीआयोग ने बुलाया था सचिव को, जेडीए ने सेवानिवृत्त कर्मचारी को भेजा
डीबी स्टार :जोधपुर
सरकारी विभाग में कामकाज को व्यवस्थित रखने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संविदा पर तो लगाया जा रहा है लेकिन जेडीए ऐसे कर्मचारियों को संवैधानिक संस्थाओं में पैरवी करने भेज रहा है। राज्य सूचना आयोग में एक अपील पर सुनवाई के लिए जेडीए के सचिव को बतौर लोक सूचना अधिकारी बुलाया गया। जेडीए ने आयोग में पैरवी के लिए अपने अधिकारी की जगह संविदा पर लगे कार्यालय सहायक को भेज दिया। अपीलकर्ता ने जेडीए के इस रवैये और आयोग के अधिकारी की जगह संविदाकर्मी की बात को सुनने पर राज्यपाल को शिकायत भेजी है।
आरटीआई कार्यकर्ता नंदलाल व्यास ने 16 जून 2011 को जेडीए से सूथला गांव के कुछ खसरों के बारे में जानकारी मांगी थी। जेडीए की ओर से तय समय में सूचना नहीं मिलने पर आवेदक ने प्रथम अपील दायर की। इस पर भी वांछित सूचना नहीं मिली तो आवेदक ने राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील कर जेडीए के लोक सूचना अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सूचना दिलवाने के लिए आग्रह किया। इस मामले की सुनवाई के लिए आयोग ने जेडीए के लोक सूचना अधिकारी व सचिव को नोटिस जारी किया। आयोग में 8 अक्टूबर 2013 को इस मामले की सुनवाई की तो जेडीए की ओर से लोक सूचना अधिकारी की जगह संविदा पर लगे सेवानिवृत्त कार्यालय सहायक को भेज दिया। उन्होंने जेडीए की ओर से अपने तर्क प्रस्तुत किए। आयोग ने भी इस मामले का फैसला कुछ दिन पहले ही जारी किया है जिसमें जेडीए को वांछित सूचनाएं देने को कहा गया है। फैसले की प्रति मिलने पर आवेदक ने राज्यपाल को शिकायत भेजकर कहा है कि सूचना का अधिकारी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लागू हुआ है जिसमें जेडीए नामित लोक सूचना अधिकारियों की जगह संविदा पर लगे कर्मचारियों को भेजकर इस एक्ट को हलके में ले रहे हैं।