नांदड़ी गोशाला में मर रही हैं गायें
भास्कर न्यूज - जोधपुर
नांदड़ी गोशाला में रोजाना 5 से 7 गायों के मरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। नगर निगम की इस गोशाला पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन इस गोशाला की स्थिति कालीबेरी से भी बदतर होती जा रही है। गोशाला में नियमित आने वाले एक व्यक्ति ने मृत गायों व बछड़ों को देखा तो उसने सामाजिक कार्यकर्ताओं को इसकी सूचना दी।
बाबा रामदेव समाज सेवा संस्थान के अध्यक्ष करणसिंह राठौड़ के नेतृत्व में पदाधिकारी नांदड़ी गोशाला पहुंचे और निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि गोशाला में बंद गायों की हालत काफी गंभीर नजर आ रही थी। संस्थान की गोरक्षा समिति के अध्यक्ष ओमसिंह भायल ने बताया कि वहां तैनात इंस्पेक्टर वीरेंद्र पुरोहित के साथ जायजा लिया और हालात जाने। भायल के अनुसार गोशाला में वर्तमान में करीब चार हजार पशु हैं। इनमें आवारा पशुओं के साथ गायों, बछड़ों को रखा जाता है। इनमें रोजाना झगड़ा होता है, ऐसे में कमजोर पशु घायल हो जाते हैं। उनकी अच्छी तरह सार-संभाल नहीं होने से वे दम तोड़ देते हैं।
चिकित्सकों ने बताया मौत का और भी कारण
पशु चिकित्सकों का कहना है कि पशुओं की मौत का एक प्रमुख कारण और है। जिन पशुओं को पकड़कर यहां लाया जाता है, उनमें से अधिकांश पशु प्लास्टिक खाकर आते हैं। यहां उन्हें चिकनाईयुक्त खाना नहीं मिलता है। एक-दो दिनों में ये पशु बीमार हो जाते हैं और दम तोड़ देते हैं। महापौर रामेश्वर दाधीच का कहना है कि नांदड़ी गोशाला में ज्यादा सुविधाएं विकसित की गई हैं, पशु चिकित्सक भी लगाए गए हैं, लेकिन प्लास्टिक खाकर आने वाले पशु उपचार मिलने के बावजूद दम तोड़ देते हैं।