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लूणी विधायक ने मुख्यमंत्री से मिलकर जताया था विरोध
भास्कर न्यूज - जोधपुर
पाली रोड पर कांकाणी में प्रस्तावित नए औद्योगिक क्षेत्र की योजना फिलहाल अटक गई है। इस क्षेत्र के लिए अवाप्त की जाने वाली जमीन के लिए मुआवजा राशि घोषित करने की गुरुवार को आखिरी तारीख थी, लेकिन यह घोषित नहीं की जा सकी। रीको के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल खंडेलवाल के अनुसार इसकी फाइल राज्य सरकार को भेजी गई थी, लेकिन गुरुवार शाम तक कोई आदेश नहीं मिला। अब जमीन अवाप्त करने के लिए शुरू से कार्यवाही करनी होगी। इस औद्योगिक क्षेत्र के लिए किसान जमीन देने के लिए पहले ही इनकार कर चुके हैं। हाल में किसान प्रतिनिधियों के साथ लूणी से भाजपा विधायक जोगाराम पटेल ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए असहमति जताई थी।
१. कांकाणी 719 बीघा 17 बिस्वा
२. खाराबेरा 2508 बीघा 14 बिस्वा
३. नींबला 329 बीघा 17 बिस्वा
से ज्यादा उद्योग लगने थे
पाली रोड स्थित कांकाणी, खाराबेरा व नींबला क्षेत्र की करीब 3500 बीघा भूमि अवाप्त कर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना था। विशेषज्ञों के अनुसार इस क्षेत्र में 2 हजार से ज्यादा उद्योग लग जाते।
विधायक बोले- बेवजह किसानों की जमीन न लें
लूणी विधायक जोगाराम पटेल का कहना था कि बोरानाडा में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए अंतिम मुआवजा राशि घोषित हो चुकी है। पहले उन पर उद्योग लगे, उसके बाद जरूरत हो तो जमीन मांगें। वे औद्योगिक विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बेवजह किसानों से जमीन नहीं ली जानी चाहिए।
किसानों ने इनकार कर दिया था जमीन देने से
जमीन अधिग्रहण के लिए सेक्शन 4 व 6 के तहत कार्यवाही हो चुकी थी। उसके बाद मुआवजा राशि तय करने के लिए 9 अप्रैल 2012 को रीको के तत्कालीन इन्फ्रा एडवाइजर चेतन देवड़ा ने किसानों को बुलाया था। किसानों ने नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन देने से साफ इनकार कर दिया था।
बोरानाडा में रोक के बावजूद भूमि अवाप्ति जारी, हाईकोर्ट का नोटिस
राजस्थान हाईकोर्ट ने रोक के बावजूद औद्योगिक विस्तार के लिए बोरानाडा में कृषि भूमि की अवाप्ति जारी रखने पर राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह आदेश न्यायाधीश पीके लोहरा ने नारायण राम व अन्य की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के तहत दिए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अणदाराम चौधरी ने कहा कि सालावास, हीरखेड़ा आदि गांवों की उपजाऊ कृषि भूमि की अवाप्ति की अधिसूचना 12 अगस्त 2010 को जारी की गई थी। इस पर निजी खातेदार याचिकाकर्ताओं द्वारा आपत्ति प्रस्तुत करने पर हाईकोर्ट ने गत 20 जनवरी को भूमि अवाप्ति पर अंतरिम रोक लगा दी थी, इसके बावजूद भूमि अवाप्ति जारी है। यह अदालत की अवमानना है। अदालत ने भूमि अवाप्ति अधिकारी व उपखंड अधिकारी को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है।
अशोक कुमार संचेती
पूर्व अध्यक्ष, जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
उद्योगों के लिए बड़ा झटका
लूणी विधायक किसानों का समर्थन नहीं, उद्योगों का विरोध कर रहे हैं।
प्रदीप डाकलिया
अध्यक्ष, मरुधरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
यह आम उद्यमी के लिए बड़ा झटका है, इससे औद्योगिक विकास प्रभावित होगा।
किस गांव की कितनी जमीन
इस क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया वर्ष 2007 में भी पूरी नहीं हो पाई थी। इसके चलते पिछली सरकार ने दुबारा कार्यवाही शुरू की थी। इसके लिए बजट में घोषणा की गई थी। पिछले वर्ष जनवरी में तत्कालीन एसडीएम ((जोधपुर ग्रामीण)) मोहनदान रतनू ने अंतिम मुआवजा राशि घोषित करने के लिए फाइल सरकार के पास भेजी थी, लेकिन सरकार ने इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया। निर्धारित नियमों के अनुसार 23 जनवरी कार्यवाही पूर्ण करने की अंतिम तिथि थी।
छह साल पहले भी रद्द हो
गई थी पूरी प्रक्रिया