नेताजी सुभाषचंद्र बोस को याद किया
भास्कर न्यूज - जोधपुर
आजादी के आंदोलन में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर गुरुवार को विभिन्न संगठनों ने कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद किया। वक्ताओं ने कहा कि सुभाष ने आजाद हिंद फौज का गठन कर देश की आजादी को निर्णायक मोड़ दिया। उन्होंने देश की जनता में देशप्रेम की भावना भर दी। बच्चा-बच्चा सुभाष के रंग में रंग गया। हिन्दुस्तान में आजादी के लिए एक लहर से चल पड़ी। राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद मारवाड़ चैप्टर, राजस्थान कायस्थ महासभा व कायस्थ फाउंडेशन की ओर से भाटी चौराहे के समीप नेताजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए गए। इस मौके पर कैलाश रूपराय, निर्मल माथुर, अनिल माथुर कोलरी, डॉ. वीरेंद्र माथुर, संतोष कुमार माथुर, सुनील माथुर, ऋषि माथुर, गौतम, राजेंद्र, हरीश, उमेश करण, संजय, संदीप, मनीष, मुकुट लाल, देशदीप, महेशचंद्र, मुकेश, शरद, विनोद, ज्योतिप्रकाश, कमलेश उपस्थित थे। समारोह में निर्मल माथुर ने कहा कि सुभाषचंद्र बोस के योगदान के बिना आजादी संभव नहीं थी।
संगोष्ठी में सुभाष के व्यक्तित्व पर चर्चा : सर प्रताप स्कूल में आयोजित संगोष्ठी में नव शिक्षा समाज के अध्यक्ष नरेश दयाल माथुर ने नेताजी की तस्वीर पर पुष्पांजलि की। उन्होंने कहा कि अगर देश के लोग वतन के प्रति प्रतिबद्ध हो तो देश से भ्रष्टाचार व आतंक मिल सकता है। नेताजी ने देश की आजादी के लिए अपनी पढ़ाई व नौकरी छोड़ दी। इस मौके पर उपाध्यक्ष गणपतसिंह चौहान, गोविंद श्रीमाली, प्रिंसिपल सर्वोत्तम माथुर व महेश माथुर ने भी विचार व्यक्त किए।
नेताजी के बताए मार्ग पर चलें: एनएसयूआई द्वारा गुरुवार को भाटी चौराहा स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर पुष्पाजंलि की गई। केएन गल्र्स कॉलेज छात्र संघ सचिव कृष्णा गहलोत ने बताया कि कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी गोविंद श्रीमाली, जेडीए के पूर्व चेयरमैन राजेंद्र सिंह सोलंकी, समाजसेवी विष्णु अबोटी, महेंद्र सारण पाल, भवानी सिंह राठौड़, कुश गहलोत आदि मौजूद थे।
एसएफआई की ओर से श्यामलाल चौधरी, अशोक गेहरा, रामजीवन विश्नोई, गणपत विश्नोई, नवीन गेहरा, धर्मेंद्र गोयल, पारस चौहान, मनीष मीणा, रोहित, पुनीत दहिया, गोरधन चौधरी, पृथ्वी गोयल, रामनारायण विश्नोई, किशन खुडि़वाल, महिपाल सिंह सहित अन्य स्टूडेंट से सुभाषचंद्र बोस को याद किया गया। इसी तरह शिवसेना की ओर से भी सुभाषचंद्र बोस की जयंती मनाई गई। 76 शिवसैनिकों ने रक्तदान किया।
कायस्थ महासभा के पदाधिकारियों ने नेताजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।