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- अभियोजन व पीडि़त पक्ष ने कहा आसाराम ने पीडि़ता व उसके परिजनों की आस्था को किया तार तार
अभियोजन व पीडि़त पक्ष ने कहा- आसाराम ने पीडि़ता व उसके परिजनों की आस्था को किया तार-तार
जोधपुर - नाबालिग छात्रा के यौन शोषण के आरोपी आसाराम के खिलाफ सेशन न्यायाधीश ((जोधपुर जिला)) मनोज कुमार व्यास की अदालत में गुरुवार को चार्ज बहस के दौरान अभियोजन व पीडि़त पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि आसाराम ने पीडि़ता व उसके परिजनों के साथ विश्वासघात किया। पीडि़ता के वकील प्रमोद कुमार वर्मा व लोक अभियोजक राजूलाल मीणा ने कहा कि पीडि़ता व उसके परिवार की आसाराम के प्रति अटूट श्रद्धा व आस्था थी, जिसे आसाराम ने तार-तार कर दिया। अभियोजन पक्ष की चार्ज बहस गुरुवार को भी अधूरी रही जो अब शनिवार को होगी। शुक्रवार को महीने के अंतिम कार्यदिवस पर वकील एकीकृत हाईकोर्ट की मांग को लेकर न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करेंगे। अदालत ने मामले के सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत अवधि बढ़ाते हुए उन्हें 5 फरवरी को दुबारा कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। चार्ज बहस के दौरान पीडि़ता की ओर से कहा गया कि पुलिस ने जो साक्ष्य संकलित किए हैं, उनके अनुसार आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म का मामला बनता है। आसाराम के सहयोगियों ने एक योजनाबद्ध तरीके से पीडि़ता के समक्ष भूत-प्रेत की कहानी बनाई व उसे आसाराम तक पहुंचा दिया। आसाराम ने उसके अपने पास पहुंचने के बाद मणाई स्थित आश्रम में उसका यौन शोषण किया। इस दौरान आसाराम ने पीडि़ता का मुंह दबाकर बंद कर दिया और उसके माता-पिता की हत्या करवाने की धमकी भी दी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान आरोपी आसाराम, शिवा, शिल्पी व प्रकाश को भी कोर्ट में पेश किया गया।