पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • माघ में लगी सावन भादो सी झड़ी, लगातार 24 घंटे बरसी मावठ, रुकी तो बर्फीली हवा का कहर

माघ में लगी सावन-भादो सी झड़ी, लगातार 24 घंटे बरसी मावठ, रुकी तो बर्फीली हवा का कहर

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज - कोटा
मंगलवार सुबह सात बजे मावठ शुरू हुई और बुधवार सुबह तक लगातार बरसती रही। कभी रिमझिम तो कभी झमाझम। पूरा शहर थम गया। मंगलवार रात को तो बारिश इतनी तेज हुई कि बाहर निकलने की सोचने से भी कंपकंपी छूट जाए। 24 घंटे में 38.6 मिमी बारिश हुई, जिसके बाद इस महीने की कुल बारिश 44 मिमी हो गई। मौसम विभाग के अनुसार कोटा के इतिहास में अब तक जनवरी में इतनी बारिश कभी नहीं हुई।
बुधवार को सुबह तक हल्की बारिश के बाद इंद्रदेव शांत हुए, लेकिन फिर कहर ढाया बर्फीली हवाओं ने। बच्चों और बुजुर्गों को तो जैसे घरों में कैद कर दिया। जो बच्चे स्कूल गए, वो भी गर्म कपड़ों में भी ठिठुरते हुए और छाता लेकर। मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले जनवरी1982 में एक दिन में 25.4 व पूरे माह में 33.1 मिमी का रिकॉर्ड रहा है। इस बीच विभाग ने गुरुवार को फिर से हल्की बरसात होने के साथ ही कोहरा छाने और सर्दी में तेजी होने की संभावना जताई है।
मौसम अधिकारी अजीतपाल भाटिया ने बताया कि उन्होंने कोटा का रिकॉर्ड देख लिया है। जनवरी में इतनी बरसात पहले कभी नहीं देखी। हालांकि बादलों के कारण तापमान में इजाफा हो रहा है लेकिन, बरसात ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटे में 38.6 मिमी बरसात हुई है। इससे पहले 6 मिमी बरसात हो चुकी थी। इस प्रकार से जनवरी में ही 44.6 मिमी बरसात हुई है।




दादाबाड़ी में बिजली के बिल जमा कराने पहुंचे लोग बारिश में ठिठुरते रहे।

पटरी पर क्लिप से बांधते हैं पटाखों को

कोहरे की स्थिति में जब सिग्नल दिखाई नहीं देते हैं तब पटरी पर निश्चित दूरी के अंतर पर पटाखे लगाए जाते हैं। पटाखे होम सिगनल से 270 मीटर दूर लगाए जाते हैं। इन्हें रेल पटरी पर क्लिप से लगाया जाता है। जैसे ही ट्रेन का इंजन वहां से गुजरता है जोरदार धमाका होता है। इससे ट्रेन चालक व सहायक चालक को यह पता लग जाता है कि सिग्नल पास है। कुछ देर बाद स्टेशन आने वाला है।

कोहरे वाले क्षेत्रों में ट्रेनों की गति लगभग 60 किमी प्रतिघंटे होती है। चालकों को यह भी निर्देश होते हैं कि विजिबिलिटी देखकर ट्रेनों की गति कंट्रोल करें। कोटा-रुठियाई सेक्शन में प्रतिदिन लगभग 50 पटाखों का उपयोग किया जाता है। इसी प्रकार कोटा-चित्तौडगढ़ खंड पर भी घना कोहरा होने पर ट्रेन संचालन के लिए पटाखों का उपयोग किया जा रहा है।

कोहरे से 60 रह जाती है स्पीड

आज फिर हो सकती है बूंदाबांदी व कोहरा

लगभग बराबर हुआ दिन-रात का तापमान

बारिश के बाद हवा ने बढ़ा दी ठिठुरन

और बढ़ सकती है सर्दी

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से फिर से मौसम में बदलाव होगा। मिनिमम तापमान में कमी आएगी, जिससे सर्दी का असर तेज होगा। बुधवार को अधिकतम तापमान 18.7 व न्यूनतम 1४.३ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आद्र्रता सुबह 93 व शाम को 90 प्रतिशत रही।

बारिश ने बिगाड़ दिया डेली रुटीन

शहर में पिछले दो दिन से हो रही बरसात ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त करके रख दिया। बरसात के कारण जहां बिजली सप्लाई की व्यवस्था बिगड़ी। वहीं, निचले क्षेत्रों में पानी की आवक भी बढ़ गई। मंगलवार को सुबह से शुरू हुआ बरसात का दौर बुधवार को सुबह तक जारी था। रातभर बूंदाबांदी और तेज बारिश का दौर चलता रहा। कई बार बिजली आपूर्ति बंद हुई। कभी 33 केवी तो कभी दूसरे फीडर से इसकी आपूर्ति प्रभावित होती रही।