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शेयर के लाभांश का क्लेम नहीं किया तो वे निरस्त हो जाएंगे
भास्कर न्यूज . कोटा
कोई कंपनी किसी दूसरी फर्म जिसमें उसके डायरेक्टर या भागीदार हो या फिर उसके रिश्तेदार हों तो अब यह लेन-देन नहीं किया जा सकता। यदि इस प्रकार के लेन-देन किए जाते हैं तो पांच लाख रुपए की पेनल्टी प्रति ट्रांजेक्शन के रूप में देय होगी।
यह जानकारी बुधवार को सीए इंस्टीट्यूट कोटा ब्रांच की ओर से आयोजित सेमिनार में दिल्ली से आए सीए विजय कुमार झालानी ने दी। उन्होंने बताया कि 12 सितंबर 2013 से पहले दो कंपनियों के बीच में होने वाले पारस्परिक लेन-देन होता आया है। अब इस पर रोक लग गई है। यदि आप किसी कंपनी के शेयर धारक हैं और आपको इन शेयर के प्रति जो लाभांश प्राप्त होता है। यह लाभांश सात साल तक अनक्लेम्ड रहता है तो यह लाभांश निरस्त हो जाता है। अब नए प्रावधानों के अनुसार अब सिर्फ लाभांश ही नहीं शेयर भी निरस्त हो जाएंगे।
सीए गिरीश आहूजा नई दिल्ली ने इनकम टैक्स के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी कृषि भूमि को सरकार के द्वारा अवाप्त किया जाता है तो उसके एवज में प्राप्त भुगतान पर इनकम टैक्स नहीं देना पड़ेगा। कोई बिल्डर रिहायशी मकान तोड़कर उस पर मल्टी स्टोरी या फ्लैट्स बनाता है और उसे बेचने पर प्राप्त होने वाली आय व्यवसाय की आय न मानकर केपिटल गेन की श्रेणी में इनकम टैक्स देना होगा। यदि क्रेता के द्वारा विक्रेता से प्रोपर्टी का सौदा किया जाता है और उसके लिए क्रेता के द्वारा कुछ भुगतान किया जाता है, भविष्य में उस सौदे को निरस्त करता है तो क्रेता को अतिरिक्त मिलने वाला भुगतान उसकी आय में जोड़ा जाता है। मुंबई के सीए किशोर काले ने वित्त प्रबंधन के बारे में जानकारी दी।
सीए ब्रांच के सचिव अनीश माहेश्वरी ने बताया कि सेमिनार का आयोजन एसएसआई के साथ किया गया था। मुख्य अतिथि सेन्ट्रल काउंसिल मेम्बर मुकेश कुशवाह ने कहा कि चारों विधानसभा चुनाव के बाद कर के प्रावधानों में सरलीकरण के लिए सरकार द्वारा सीए से सेवाओं की अपेक्षा की गई है। एसएसआई एसोसिएशन के सचिव कमलदीप सिंह ने आभार जताया।