- Hindi News
- सत्संग एक स्कूल, यहां मिलती है सभी को संस्कारों की शिक्षा
सत्संग एक स्कूल, यहां मिलती है सभी को संस्कारों की शिक्षा
भास्कर न्यूज - कोटा
सत्संग एक स्कूल है, यहां संस्कारों की शिक्षा मिलती है। सद्गुरु की पाठशाला में नम्रता, सहनशीलता, भाईचारे का पाठ पढ़ाया जाता है। शुद्ध आचरण से ही जीवन में बदलाव संभव है। यह बात संत डॉ. यशपाल सिंह ने कही। वह गुमानपुरा न्यू कॉलोनी स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में प्रवचन दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि भाषा कोई भी हो यदि उसमें प्रेम, करुणा, दया, क्षमा विनम्रता व सहनशीलता है तो सबको प्रिय लगती है। प्रेमपूर्वक बोली गई भाषा को नासमझ भी समझ लेते है। सत्संग का संचालन इंद्रकुमार लालवानी ने किया। संत देवीदास खत्री ने आभार जताया।
संसार भगवान का घर है- दिव्य मोरारी बापू
पृथ्वी पर जब-जब भी अधर्म बढ़ जाता है और बड़े असुर अधम पापी दुष्ट अभिमानी पैदा हो जाते है। जब भगवान अपने विविध रूपों में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। यह प्रवचन तलवंडी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में चल रही रामकथा के चौथे दिन दिव्य मोरारी बापू ने दी। उन्होंने कहा कि संसार भगवान का घर है। भगवान अपने भक्तों के लिए संसार में आते हैं और संसार में कूड़ा-करकट रूपी रावण-कंस का वध करते हैं। रामकथा में भक्तों ने उल्लास से राम जन्मोत्सव मनाया। व्यवस्थापक घनश्यामदास महाराज ने बताया कि कथा 28 जनवरी तक चलेंगी।