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सर्विस टैक्स चोरी पर गिरफ्तारी की तलवार

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - कोटा
इकतीस दिसंबर तक समाप्त एमेनेस्टी स्कीम का फायदा उठाने में नाकाम रहे डिफाल्टर्स सेवा प्रदाताओं के खिलाफ एक्साइज, सर्विस टैक्स एवं कस्टम विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। जिसमें डिफाल्टर्स की गिरफ्तारी भी संभव है। संभाग में एमेनेस्टी स्कीम के तहत करीब 165 डिफाल्टर्स ने 8 करोड़ 57 लाख 63 हजार रुपए अपना टैक्स घोषित किया था। विभाग ने सर्विस टैक्स चोरी के मामलो में 14 बिल्डरों को चिन्हित किया है। इसमें से दस के खिलाफ 79 लाख 10 हजार 453 रुपए सर्विस टैक्स प्रपोज किया जा चुका है।
सर्विस टैक्स की चोरी करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार को शक्ति मिलने के बाद अगस्त 2013 से 12 जनवरी 2014 के बीच देशभर से 27 सेवा प्रदाताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। ज्यादातर मामलों में सेवाप्रदाताओं ने सर्विस टैक्स की रकम कलेक्ट की थी, लेकिन इसे सरकारी खजाने में जमा नहीं कराया। इस माह में गिरफ्तार किए तीन व्यक्तियों ने वॉलेंटरी कम्प्लाइंस एनकरेजमेंट स्कीम ((वीसीईएस)) के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्होंने सरकार के पास 31 दिसंबर तक टैक्स जमा नहीं कराया। वित्त मंत्रालय ने सर्विस टैक्स से बचने वालों के लिए ही वीसीईएस का फायदा उठाने के लिए राजी करने में खुद दिलचस्पी ली थी।
7 साल की सजा, एक लाख की पेनल्टी
सरकार के क्रिमिनल प्रोसिजर कोड 1973 के तहत सर्विस टैक्स की चोरी को लाने के बाद ये गिरफ्तारियां की गई। फाइनेंशियल बिल में इस बार 50 लाख रुपए या इससे अधिक की सर्विस टैक्स की चोरी अपराध मानी गई है। इस तरह के अपराधियों को सात साल तक की कैद की सजा के साथ ही एक लाख रुपए तक की पेनल्टी भी चुकानी पड़ सकती है। सरकार ने अक्टूबर 2007 से दिसंबर 2012 के बीच सर्विस टैक्स न चुकाने वालों को राहत देने के लिए वीसीईएस स्कीम पेश की थी। इसके तहत बकाया सर्विस टैक्स का कम से कम 50 फीसदी बिना ब्याज और पेनल्टी के दिसंबर 2013 तक चुकाना था। बाकी का जून 2014 तक चुकाना है।



7 साल की सजा, एक लाख की पेनल्टी

सरकार के क्रिमिनल प्रोसिजर कोड 1973 के तहत सर्विस टैक्स की चोरी को लाने के बाद ये गिरफ्तारियां की गई। फाइनेंशियल बिल में इस बार 50 लाख रुपए या इससे अधिक की सर्विस टैक्स की चोरी अपराध मानी गई है। इस तरह के अपराधियों को सात साल तक की कैद की सजा के साथ ही एक लाख रुपए तक की पेनल्टी भी चुकानी पड़ सकती है। सरकार ने अक्टूबर 2007 से दिसंबर 2012 के बीच सर्विस टैक्स न चुकाने वालों को राहत देने के लिए वीसीईएस स्कीम पेश की थी। इसके तहत बकाया सर्विस टैक्स का कम से कम 50 फीसदी बिना ब्याज और पेनल्टी के दिसंबर 2013 तक चुकाना था। बाकी का जून 2014 तक चुकाना है।