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दूसरे चिडिय़ाघर जा सकती है ‘गौरी’

8 वर्ष पहले
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कोटा - कोटा चिडिय़ाघर में शेरनी ‘गौरी’ के लिए यदि कोई साथी नहीं मिला तो उसे दूसरी जगह भेजना पड़ेगा। क्योंकि नियमानुसार उसे यहां अकेला नहीं रखा जा सकता।
सीजेडए के मैंबर सचिव बीएस बोनल ने पिछले साल विजिट के दौरान नियमों का हवाला देते हुए चिडिय़ाघर में एकल रह रहे वन्यजीवों को जंगल में छोडऩे या फिर पेयरिंग के निर्देश दिए थे। इसके बाद गौरी का साथी तलाशने के लिए विभागीय अधिकारियों ने प्रयास किए। लेकिन, वे सफल नहीं हुए। चिडिय़ाघर प्रशासन का कहना है कि साथी नहीं मिला तो गौरी को सीजेडए के नियमों के अनुसार अन्यत्र भेजना पड़ेगा।



सीजेडए की ये हैं शर्तें

ञ्च चिडिय़ाघर लिंगानुपात में वन्यजीवों को रखे।

ञ्च कोई भी वन्यजीव सिंगल न रखें।

ञ्च सिंगल वन्यजीवों पेयरिंग व्यवस्था करें।

ञ्च छह महीने में पेयरिंग में असफल रहने पर जानवर को अन्य चिडिय़ाघर में भेजा जाए।

॥गौरी के साथी के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखे हुए हैं। अन्य चिडिय़ाघरों से भी संपर्क किया जा रहा है। पेयरिंग नहीं हुई तो इसे अन्य चिडिय़ाघर भेजा जाएगा।

-राकेश शर्मा, उपवन संरक्षक ((वन्यजीव))