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‘आप बताओ, मैं नेताओं को ब्लड दूं या जरूरतमंदों को’

8 वर्ष पहले
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कोटा। एमबीएस में ब्लड बैंक में गुरुवार को उस वक्त हंगामा हो गया, जब एक वृद्ध ने अपनी जिद पर ब्लड लेने के लिए नेताओं के फोन करवाने शुरू कर दिए। वृद्ध की मांग थी की उसे तुरंत दो यूनिट ब्लड दिया जाए। जबकि प्रभारी उसे एक बार में एक यूनिट से ज्यादा देने को तैयार नहीं थे। वृद्ध ने प्रभारी को नौकरी से हटवाने की धमकी दी। इसके बाद प्रभारी के फोन पर नेताओं के फोन घनघनाने शुरू हो गए। कुछ ही देर में दो व्यक्ति ब्लड बैंक पहुंचे और उन्होंने प्रभारी को देख लेने की धमकी दी।

जिससे परेशान होकर कर्मचारियों और प्रभारी ने ब्लड बैंक में एक घंटे कामकाज बंद कर दिया। इसी बीच वे अधीक्षक डॉ. एआर गुप्ता के पास शिकायत करने पहुंचे। उन्होंने अधीक्षक से सुरक्षा की मांग की। बाद में ब्लड बैंक प्रभारी ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को पत्र लिखकर पूछा कि आप बताओ साहब, मैं पहले राजनेताओं की सिफारिश वालों को ब्लड दूं या थैलेसीमिक व हादसे में घायल जरूरतमंदों को। पत्र में प्राचार्य से दिशा निर्देश मांगे गए हैं।

दरअसल, बूंदी के कामखेड़ा निवासी रमेशी बाई पत्नी गिरीश जेकेलॉन में भर्ती है। रमेशी की डिलेवरी हुई है। उन्हें ब्लड की जरूरत थी, उनके ससुर केसरीलाल दोपहर ब्लड बैंक पहुंचे। उन्हें तुरंत एक यूनिट ब्लड देने के लिए आश्वस्त किया गया, लेकिन उन्होंने दो यूनिट की मांग की। वो झल्लाते हुए प्रभारी डॉक्टर एचएल मीणा के कमरे में गए। डॉ. मीणा ने कहा कि आप एक यूनिट तो चढ़वाओ दूसरा भी दे दिया जाएगा।

वे तैश में आकर बोलने लगे की तुम मुझे नहीं जानते। केसरीलाल ने तुरंत डॉ. मीणा के सामने नेताओं को फोन मिलाए। थोड़ी ही देर में वहां रायसिंह चौधरी समेत अन्य लोग पहुंच गए। उन्होंने डॉ. मीणा के साथ गाली-गलौच की और देख लेने की धमकी दी। हाथापाई की नौबत आ गई।

निजी सुरक्षाकर्मी बढ़ाए गए

घटना के बाद कर्मचारी सुरक्षा की मांग को लेकर अधीक्षक डॉ. एआर.गुप्ता के पास पहुंचे। उनका कहना था कि लोग ब्लड बैंक में आकर देख लेने और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। ऐसे में कर्मचारी कामकाज नहीं कर सकते। सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए। स्थिति बिगड़ती देख डॉ. गुप्ता ने तुरंत एक की जगह दो निजी सुरक्षा कर्मी लगाए जाने के आदेश दिए।

नहीं हुई रिपोर्ट दर्ज

अधीक्षक एआर गुप्ता का कहना है की डॉक्टर मीणा की शिकायत नयापुरा थाने भेजी गई है। जिसमें डॉ. मीणा के साथ गाली-गलोज, देख लेने की धमकी और राजकार्य में बाधा डालने की शिकायत है। उधर, नयापुरा थाना इंचार्ज एएसआई मुकेश का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की तरफ से कोई मुकदमा दर्ज नहीं करवाया गया है।