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मरीजों के जूते और साइलेंट ब्लास्टिंग रही आकर्षण
भास्कर न्यूज - कोटा
विज्ञान केंद्र में दो दिवसीय इंडस्ट्रियल एक्जीबिशन शुक्रवार को शुरू हुई। इसमें मरीजों के लिए जहां डायबिटिक फुटवियर आए हैं, तो वहीं घरों के लिए बिजली बचाने वाले सस्ते एलईडी बल्ब। छोटे उद्योगों के लिए नोट गिनने की मशीनें तो चट्टाने तोडऩे के लिए साइलेंट ब्लास्टिंग पाउडर। सौ से अधिक स्टॉलों पर घर, उद्योग व खेती संबंधी ये उपकरण और उत्पाद बड़े ही काम के है। इनसे समय और लागत बचेगी तो काम भी आसान होगा।
प्रमुख उत्पाद
एक्जीबिशन में बंडल व लूज नोट काउंटिंग मशीन, करेंसी डिटेक्टर, बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन, कंप्यूटर, मोबाइल सॉफ्टवेयर, वेब डिजाइन एंड एप्लीकेशन डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, ई-कॉमर्स एप्लीकेशंस, ई-लर्निंग सिस्टम, इनोवेटिव टेक्नॉलॉजी प्रोडक्ट, नेटवर्क एवं सिक्योरिटी सोल्यूशन, साइड स्विच, बैंड स्विच, फ्यूज होल्डर, एनर्जी मीटर, बजर, रिंगर और स्कूल कॉलेजों की लैब में काम आने वाले टेस्टिंग उपकरण के अलावा इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद भी हैं। अन्य उत्पादों में गीजर, पंखे, जयपुर की बनी चमड़े की मोजड़ी, पर्स, बैल्ट, सोया के उत्पाद, खेती में सिंचाई के लिए सबमर्सिबल पंप भी हैं।
डायबिटिक फुटवियर से होने वाले फायदे
: शरीर में खून के प्रेशर को बराबर करने में सहयोगी उपकरण।
: शिरा रोग से पीडि़त लोगों को इलाज के साथ इसे इस्तेमाल करने की जरूरत।
: नसों का फूलना, खून का थक्का जमना और नसों के जलन को दूर
करने में सहायक।
: जोड़ों में जकडऩ, बांयटे और सूजन को फुट वियर दूर करता है।
: नसों में पैरों से हृदय तक जाने वाले खून के प्रवाह को जारी रखना।
: डॉ. प्रशांत वर्मा के मुताबिक पहनें मेडिकल, डायबिटिक और
ऑर्थोपेडिक फुटवियर।
साइलेंट ब्लास्टिंग
घनी आबादी के बीच कहीं भी ब्लास्टिंग कर छत या फिर दीवार गिरा नी हो। माइनिंग में बिना कोई क्षति पहुंचाए ब्लास्टिंग करने का सोल्यूशन भी एक्जीबिशन में है। आहूजा ग्रुप के सीनियर सपोर्ट एक्जीक्यूटिव मुन्ना खान ने बताया कि क्रेक माइट के जरिए साइलेंट ब्लास्टिंग आसान है।
इनकी भी लगी प्रदर्शनी
एनटीपीसी अंता, आरएपीपी रावतभाटा, रेलवे लोको, आईडीबीआई बैंक, क्रिसिल रेटिंग, क्वालिटी टेस्टिंग भी एक्जीबिशन में शामिल हैं।
सोलर सिस्टम से जगमगाएं घर
ग्रीन एनर्जी सोल्यूशन प्रोवाइडर कॉन्ट्राइव कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर रणजीत सिंह चौहान ने बताया कि तीन लाख रुपए में एक किलो वाट का सोलर सिस्टम लगता है। इससे पूरे घर में बिजली जलेगी। राज्य सरकार ने कोटा में एक मेगावाट की कनेक्टिविटी की मंजूरी दी है। इसी कंपनी ने एलईडी बल्ब भी बनाने शुरू किए हैं। इससे 80 प्रतिशत बिजली बचेगी, जबकि सीएफएल से 40 प्रतिशत। सीएफएल की 10 हजार घंटे लाइफ की तुलना में एलईडी बल्ब 50 हजार घंटे चलता है। यह अभी 3 से 7 वॉट तक में उपलब्ध है। यह कंपनी उद्योगों के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल्स पैनल भी बनाती हैं।
नियमित बिजली की सप्लाई, औद्योगिक नियमों का सरलीकरण और रियायतें भी जरूरी हैं। उन्होंने इंस्पेक्टर राज को औद्योगिक विकास में बाधक बताते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों में कोटा में औद्योगिक ठहराव आया है। उन्होंने युवाओं को रोजगार से जोडऩे के लिए मेन्यूफेक्चरिंग इंडस्ट्री पर जोर दिया। किसी भी देश की इकॉनॉमी ग्रोथ इसके बिना संभव नहीं है। हाड़ौती पावर हब है, इसलिए यहां संभावनाएं बहुत अधिक हैं।
उद्यमी गोविंदराम मित्तल ने कहा कि विश्व के 214 देशों में से 145 देशों में जीएसटी लागू हो गया है, लेकिन इंडिया में अभी तक लागू नहीं हुआ। इसे लागू कराया जाए। अध्यक्ष देवेन्द्र जैन ने स्वागत भाषण दिया। एमएसएमई के एमके सारस्वत, एयरफोर्स के कैप्टन एनके शरण, विज्ञान केन्द्र के डायरेक्टर जीएल गर्ग, आईएल के एमपी ईश्वर, आरएपीपी के एसके शर्मा ने भी संबोधित किया। संचालन एसोसिएशन के सचिव कमलदीप सिंह ने किया।