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पंजाब से बिकने के लिए आया सरकारी गेहूं कोटा में पकड़ा

8 वर्ष पहले
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कोटा - रसद विभाग ने शनिवार को कालाबाजारी के लिए लाया गया 560 कट्टे गेहूं जब्त किया गया है। जो बड़े ट्रॉले में भरा था। चालक और साथ आए ट्रांसपोर्टर रमनकुमार ने बताया कि गेहूं पंजाब के रोहतक अबोहर से लाया गया है, जिसे झालावाड़ में खाली करना था। इसमें २४८ कट्टे एफसीआई के थे। बावजूद इसके एफसीआई अधिकारियों ने इसे अपना मानने से इंकार कर दिया।
प्रवर्तन अधिकारी इरफान कुरैशी ने बताया कि शनिवार को एक ट्रोला आरजे-09 जीए 2655 झालावाड़ रोड इंडस्ट्रियल एरिया में प्रगति धर्मकांटे पर तौल जा रहा था। तभी डीएसओ आरडी मीणा को उसमें एफसीआई का गेहूं भरे होने और ब्लैक में ले जाने की बात पता चली। कार्रवाई के लिए मीणा ने उन्हें और संध्या सिन्हा को भेजा। ट्रॉले को अनंतपुरा थाने ले जाया गया। उसमें 560 कट्टे गेहूं भरे मिले। इस बारे में चालक रामकिशन और ट्रांसपोर्टर रमन कुमार कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। ट्रक को पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले में अब सोमवार को कलेक्टर के पास चालान पेश किया जाएगा। शेष - पेज १२



इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
कट्टों पर सिलाई एफसीआई की

ट्रॉले में मिले 560 कट्टों में से 248 कट्टे एफसीआई के थे, जिन पर सिलाई भी वैसी ही थी, जैसी एफसीआई करता है। 312 कट्टे हाथों से सिले हुए थे। रसद विभाग ने एफसीआई के डिपो इंचार्ज रविकांत मीणा और क्वालिटी कंट्रोल अधिकारी डीएस वर्मा को मौके पर बुलाया। उन्होंने देखते ही गेहूं को अपना होने से इनकार कर दिया। इस पर रसद विभाग ने गेहूं को मार्केटिंग विभाग को सौंप दिया।
डेढ़़ माह पहले हुआ था रवाना
चालक व ट्रांसपोर्टर से जब गेहूं का रिकार्ड मांगा तो उन्होंने रोहतक अबोहर के एफसीआई गोदाम से इसे 12 दिसंबर को भरना बताया। इसे झालावाड़ के एफसीआई गोदाम में खाली करना था। इसका रिकार्ड देखने के बाद ही टीम को शक हुआ कि गेहूं 12 दिसंबर को भरा गया तो 25 जनवरी तक पहुंचा क्यों नहीं। इतना समय कहां लगा। इसका जवाब दोनों नहीं दे पाए। रोहतक से कोटा आने में डेढ माह कैसे लग गया।
नहीं कराई थाने में रिपोर्ट
रसद विभाग ने 560 कट्टे गेहूं जब्त करने के बावजूद थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। प्रवर्तन अधिकारी इरफान कुरैशी ने बताया कि कलेक्टर के आदेश पर ही अगली कार्रवाई होगी। इसी प्रकार दो दिन पहले महावीरनगर थाने में पकड़े 56 गैस सिलेंडरों के मामले में भी रसद विभाग ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई, जिससे मुख्य आरोपी का पता नहीं चल सका। इस मामले में भी रिपोर्ट दर्ज नहीं होने से यह पता नहीं चल पाएगा कि गेहूं कहां से किसको बेचने के लिए लाया गया था। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार भी नहीं किया गया है। थाने के सीआई ने बताया कि उनके यहां तो केवल ट्रॉले को खड़ा किया गया है।