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डाउनलोड करेंकोटा. 6 माह पहले एक ट्रोले की टक्कर में एक पैर गवां बैठे गरीब ऑटोचालक दौलत राम (47) के दूसरे पैर को बचाने का अंतिम प्रयास सफल रहा। सोमवार को आरके पुरम स्थित मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ.राजेश गोयल ने उसका जटिल ऑपरेशन कर गली हुई हड्डी बाहर निकाली और रॉड डालकर उसकी सर्जरी की।
ऑर्थोपेडिक वार्ड के बेड नंबर-7 पर भर्ती दौलत राम ने बताया कि 4 माह से एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर में इलाज चल रहा था। वहां दूसरे पैर की कई बार प्लास्टिक सर्जरी की गई लेकिन अंत में डॉक्टरों ने जवाब दे दिया कि अब पैर को काटना ही पड़ेगा। इसके बाद भास्कर ने कोटा के ऑर्थो सर्जन डॉ.राजेश गोयल से संपर्क किया तो उन्होंने उसका पैर बचाने का भरोसा दिलाया। सोमवार को उन्होंने पैर में निशुल्क रॉड डालकर उसकी उम्मीदें लौटा दीं। रविवार को विधायक ओम बिरला उससे मिलने पहुंचे और मदद का भरोसा दिलाया।
बेटी को साधना आश्रम भेजना पड़ा
भास्कर की अपील पर शहरवासियों की आर्थिक मदद से 6 माह से दौलतराम का इलाज चल रहा है। तंगहाली के चलते बीबीए कर रही इकलौती बेटी एकता को गिरधरपुरा के साधना आश्रम में भेजना पड़ा। आश्रम की संचालिका उमा देवी उसकी परवरिश के साथ पढाई का खर्च भी उठा रही हैं। डेरा सच्चा सौदा की ओर से उसे राशन दिया जा रहा है। बीमारी में सब कुछ खर्च हो जाने के बाद से वह किराए का मकान भी खाली करके पत्नी के साथ रिद्धी-सिद्धी नगर के एक खाली मकान में रह रहा है। 6 माह पहले पैर गंवाने के बावजूद उसका विकलांगता पेंशन का फार्म भी जमा नहीं किया जा रहा है। दौलतराम से मो.. 8764351885 पर संपर्क कर सकते हैं।
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