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अग्रवाल समाज के 10 जोड़े विवाह बंधन में बंधे, भामाशाहों का सम्मान
भास्कर न्यूज - कोटा
दादाबाड़ी स्थित सीएडी मैदान में सोमवार को अग्रवाल समाज के 10 जोड़े एक साथ विवाह बंध में बंधे।
सामूहिक विवाह सम्मेलन में एक ओर जहां वर पक्ष के परिजन लक्ष्मी के रूप में वधु के आगमन पर उत्साहित थे, तो दूसरी ओर वधु पक्ष के परिजनों में लाडली के पराई हो जाने की आंखों में नमी साफ दिखाई दे रही थी। इस दौरान दूल्हा-दुल्हन कभी अपने घरवालों को देख रहे थे तो कभी अपने हमसफर को और कभी बगल में अपनी ही तरह बैठे जोड़ों को। जिला अग्रवाल सम्मेलन के तत्वावधान में समाज के सभी 10 जोड़ों ने सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खाई। सम्मेलन में अतिथियों के रुप में अग्रवाल समाज के प्रदेश अध्यक्ष रामावतार अग्रवाल, अग्रवाल सम्मेलन के संभागीय अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, दीपक राजवंशी, अध्यक्ष राजेश बिड़ला सहित कई अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
10 दूल्हों की एक साथ निकली बारात
सम्मेलन शुरू होने से पूर्व सुबह दादाबाड़ी के सनातन धर्म मंदिर से विवाह स्थल तक 10 दूल्हों की निकासी निकाली गई। निकासी मंदिर से रवाना हुई जो प्रमुख मार्गों से होते हुए सम्मेलन में पहुंची। घोड़ो पर सवार दूल्हों के सिर पर छत्र शोभायमान रहे। सम्मेलन में पहले से मौजूद कई लोगों ने पुष्पवर्षा और आतिशबाजी करके सभी का स्वागत किया। सामूहिक रूप से तोरण की रस्म निभाई गई। उसके बाद मंच पर वरमाला हुई तथा आशीर्वाद समारोह हुआ।
31 भामाशाहों का सम्मान, 80 उपहार
संयोजक जगदीश अग्रवाल ने बताया कि सम्मेलन के दौरान समाज में 31 समाज सेवा में अग्रणी रहने वाले और भामाशाहों का सम्मान किया गया। सम्मेलन में सभी जोड़ों को पलंग, नथ, टीका, मंगलसूत्र, पायल, कपड़े, बर्तन सहित 90 हजार रुपए की कीमत की 80 तरह की वस्तुएं उपहार में दी गई। इधर, सामूहिक विवाह से पूर्व 25 एवं 26 जनवरी को दो दिनों तक हुए अग्रवाल समाज के परिचय सम्मेलन में समाज के 2000 से अधिक युवक-युवतियों ने अपना परिचय दिया।
10 दूल्हों की एक साथ निकली बारात
सम्मेलन शुरू होने से पूर्व सुबह दादाबाड़ी के सनातन धर्म मंदिर से विवाह स्थल तक 10 दूल्हों की निकासी निकाली गई। निकासी मंदिर से रवाना हुई जो प्रमुख मार्गों से होते हुए सम्मेलन में पहुंची। घोड़ो पर सवार दूल्हों के सिर पर छत्र शोभायमान रहे। सम्मेलन में पहले से मौजूद कई लोगों ने पुष्पवर्षा और आतिशबाजी करके सभी का स्वागत किया। सामूहिक रूप से तोरण की रस्म निभाई गई। उसके बाद मंच पर वरमाला हुई तथा आशीर्वाद समारोह हुआ।
31 भामाशाहों का सम्मान, 80 उपहार
संयोजक जगदीश अग्रवाल ने बताया कि सम्मेलन के दौरान समाज में 31 समाज सेवा में अग्रणी रहने वाले और भामाशाहों का सम्मान किया गया। सम्मेलन में सभी जोड़ों को पलंग, नथ, टीका, मंगलसूत्र, पायल, कपड़े, बर्तन सहित 90 हजार रुपए की कीमत की 80 तरह की वस्तुएं उपहार में दी गई। इधर, सामूहिक विवाह से पूर्व 25 एवं 26 जनवरी को दो दिनों तक हुए अग्रवाल समाज के परिचय सम्मेलन में समाज के 2000 से अधिक युवक-युवतियों ने अपना परिचय दिया।