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६ साल से धूल खा रहे बाट-माप के उपकरण

7 वर्ष पहले
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कोटा - जिला उद्योग केन्द्र के विधिक माप-तौल विधिक विज्ञान विभाग में छह साल से लाखों रुपए कीमत के बाट-माप जांच के अत्याधुनिक उपकरण केन्द्र सरकार से बजट मंजूर नहीं होने के कारण धूल खा रहे हैं। इन उपकरणों को वातानुकूलित लैब नहीं होने के कारण अधिकारियों ने एक कमरे में बंद कर रखा है। 10 जनवरी 2013 को भास्कर ने लाखों रुपए की उपकरणों पर धूल जमी शीर्ष से खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद विभागीय अधिकारियों ने जगह तलाश कर 40 लाख का एस्टीमेट तैयार किया है।
केन्द्र सरकार ने स्विटजरलैंड से मंगाकर डिजिटल बैलेंस इलेक्ट्रॉनिक मशीनें एवं अन्य आधुनिक उपकरण जिला उद्योग केन्द्र के विधिक माप विज्ञान विभाग को भेजे थे। करीब चार लाख रुपए कीमत के यह उपकरण बजट मंजूर नहीं होने से जगह होते हुए भी उपयोग में नहीं आ रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह उपकरण जिस हालत में आए हैं, उसी हालत में रखे हैं। इस बार इन उपकरणों के लिए 40 लाख रुपए कीमत की अत्याधुनिक लैब बनाने के लिए केन्द्र सरकार को बजट के लिए पत्र भेजा जाएगा। उनका कहना है कि विभाग के पास स्माल स्केल इंडस्ट्रियल एरिया में केलिबर टावर के पास जो जमीन है, उसी पर लैब बनाने की योजना बनाई जा रही है। केन्द्र से राशि मंजूर होने के बाद लैब बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।