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पहले भी हो चुकी हैं दो मौतें

7 वर्ष पहले
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कोटा - एयरपोर्ट पर एयर एम्बुलेंस नहीं आ पाने के कारण पहले भी दो मौतें हो चुकी हैं। नगर निगम के एईएन मोहन खटावलिया को केवल इसलिए दिल्ली नहीं ले जाया जा सका था कि कोटा से शाम को उजाला कम होने पर एम्बुलेंस नहीं उड़ सकती थी, जिससे उनकी यहीं मौत हो गई। इसी प्रकार तत्कालीन एडीएम पोखरमल की पत्नी को भी एयर एंबुलेंस नहीं मिल पाने के कारण दम तोडऩा पड़ा था। मंगलवार को इसके नहीं आने से गंभीर रूप से घायल को दिल्ली नहीं ले जाया जा सका।




पांच घंटे तक करते रहे इंतजार

पांच घंटे तक करते रहे इंतजार

घायल गुप्ता के भाई हरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि दिल्ली से 11 बजे एयर एम्बुलेंस आने की सूचना मिली थी। रनवे पर पानी भरा होने से पहले एक बजे, फिर दो बजे और फिर चार बजे स्वीकृति देने की बात की गई। शाम चार बजे अनुमति दी, लेकिन तब मेदांता अस्पताल वालों ने असमर्थता जता दी। उन्होंने कहा कि एयर एम्बुलेंस देहरादून से कोटा पहुंचेगी, तब तक साढ़े पांच बज जाएंगे। इसके बाद अंधेरा होने से कोटा से उसे उड़ाया नहीं जा सकेगा। इसलिए अब बुधवार को ही सुबह एयर एम्बुलेंस को कोटा भेजा जाएगा।



जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं गुप्ता

घायल गुप्ता का जबड़ा, पसलियों, पैर तथा घुटने में चोट है। लंग्स में भी चोट लगी है। उन्हें कोटा लाकर तलवंडी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज कर रहे डॉ. मामराज ने उन्हें तुरंत दिल्ली के मेदांता अस्पताल ले जाने की सलाह दी। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।



इस पट्टी पर कैसे उतरता विमान

॥जवाहरनगर के नाले से पानी एयरपोर्ट में पहुंच रहा है। हवाईपट्टी के पास नाली बनाने के लिए पिछले दिनों खुदाई कराई थी। इसमें जेसीबी के कारण एक जगह रुकावट हो गई। इस नाली में बरसात व नाले का पानी आकर हवाईपट्टी पर फैल गया।

-सूरजभान मीणा, एयरपोर्ट अधिकारी