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यूआईटी ने दी मिस्त्रियों को ट्रांसपोर्ट नगर से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी

7 वर्ष पहले
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कोटा. ट्रांसपोर्टर और मिस्त्रियों के बीच विवाद के चलते दूसरे दिन भी ट्रांसपोर्ट नहीं खुले। मंगलवार को आधे मिस्त्रियों ने ही दुकानें खोलीं। वहीं, यूआईटी के जाब्ते ने अतिक्रमियों को मुनादी से चेतावनी दी है कि वे तीन दिन में अतिक्रमण हटा लें। वरना, यूआईटी खुद हटा देगी। इससे भी मिस्त्रियों में हड़कंप मचा है।

26 जनवरी की सुबह मिस्त्री गुड्डू और ट्रांसपोर्ट के मुनीम के बीच झगड़ा हो गया था। इसमें गुड्डू ने मुनीम के सिर पर पाइप दे मारा था। तब से मामले ने तूल पकड़ा और ट्रांसपोर्टर्स ने अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान कर दिया। उन्होंने कलेक्टर, यूआईटी उपसचिव, विधायक ओम बिरला से ट्रांसपोर्ट नगर से अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। उन्होंने साफ कह दिया था कि जब तक सभी अतिक्रमण नहीं हटा दिए जाते, तब तक वे दुकानें नहीं खोलेंगे। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की तरफ से मंगलवार सुबह से धरना शुरू कर दिया गया। अध्यक्ष प्रवीण कुमार बिट्टू ने कहा कि उनकी हड़ताल से सभी को लाखों का नुकसान हो रहा है, फिर भी अतिक्रमण हटवाने के लिए हम ये घाटा सहने को तैयार हैं।

आवंटित दुकानें बेचकर ट्रांसपोर्ट नगर में जा घुसे मिस्त्री

1990 से पहले अधिकतर ट्रांसपोर्ट नई धानमंडी, रामपुरा, जयपुर गोल्डन की ओर था। 1990 में यूआईटी चेयरमैन हरिकृष्ण जोशी ने ट्रांसपोर्ट नगर की घोषणा की। लाटरी निकलने वाली थी कि प्रॉसेस पर रोक लग गई। 11 साल बाद 2001 में मंत्री शांति धारीवाल ने लाटरी निकाली और 351 ट्रांसपोर्टर को ट्रांसपोर्ट नगर में दुकानें दीं। उसी समय डीसीएम रोड पर जाम से बचने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर से थोड़ा दूर विश्वकर्मा नगर में 500 मिस्त्रियों को दुकानें आवंटित कीं।

यूआईटी ने दुकानें इसलिए आवंटित की थी कि ट्रांसपोर्टर और मिस्त्रियों का काम एक साथ चलता रहेगा, लेकिन 70 फीसदी से अधिक मिस्त्रियों ने दुकानें औने-पौने दामों में बेच दीं और अब ट्रांसपोर्ट नगर में अतिक्रमण कर लिया। 2004 से ही मिस्त्रियों ने थड़ी लगाना शुरू कर दिया था, लेकिन तब किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। इस समय ट्रांसपोर्ट नगर में 300 से ज्यादा अतिक्रमण हैं। जिससे वहां गदंगी जैसी समस्या हमेशा बनी रहती है। और आए दिन ट्रांसपोर्टरों और मिस्त्रियों में तकरार होती रहती है।

पहले दिन एक दिखने वाले मिस्त्री दूसरे दिन अलग-थलग नजर आए। कई मिस्त्रियों ने तो अपनी दुकानें खोल लीं। दिनभर मिस्त्री असमंजस में रहे कि आखिर उन्हें क्या करना है। मिस्त्री साबिर भाई ने कहा कि बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन देंगे।

हुआ पार्टी का आयोजन

हड़ताल के चलते एसोसिएशन की ओर से मंगलवार को सभी ट्रांसपोर्टर और उनके मुनीम के लिए पार्टी का आयोजन किया। उनके लिए कत बाफले बनाए गए। दिनभर ट्रांसपोर्टर्स पार्टी का आनंद लेते रहे।

अतिक्रमण हटेंगे

ट्रांसपोर्ट नगर में अतिक्रमण हटाने के लिए मुनादी करवा दी गई है। उन्हें तीन दिन का समय दिया गया है। इसके बाद कुछेक अतिक्रमण तो हटे हैं, जो नहीं हटेंगे, उन्हें तीन दिन बाद हटा दिया जाएगा। -आनंदीलाल वैष्णव, उपसचिव, यूआईटी