सरगना को पकडऩे पुलिस मुंबई गई
भास्कर न्यूज - कोटा
रेलवे भर्ती के नाम पर ठगी करने वालों के तार कोटा से जुडे हैं। इसके लिए पुलिस अब सूत्रधारों को तलाशने में जुट गई है। पुलिस ने रेलवे के अधिकारी से भी पूछताछ की है। वहीं, टीम गिरोह के सरगना और अन्य साथियों की तलाश में मुंबई रवाना हो गई है। पुलिस वहां क्राइम ब्रांच को भी पूरा मामला बताएगी।
सीआई हरिचरण मीणा ने बताया कि सोमवार को औरंगाबाद निवासी भूषण प्रभाकर राव देशमुख व फरियाबाद निवासी प्रशांत सिंह को गिरफ्तार किया गया था। इनके पास से रेलवे के फार्म और कई बॉयोडेटा मिले थे। पूछताछ में पता चला था कि ये गिरोह बेरोजगारों को रेलवे में भर्ती के नाम पर ठग रहे हैं। इस गिरोह के कई सदस्य लंबे समय से कोटा में थे और शहर के अलग-अलग होटल में ठहरे हुए थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के अन्य साथी नितिन कृष्ण वाडेकर, रूपेश सावंत, मुन्ना अली, चंद्रशेखर, रूशी दादा सहित अन्य को नामजद कर लिया है। इनकी मोबाइल कॉल डिटेल भी निकलवाई गई है। इसमें से अधिकतर लोग 27 जनवरी को प्रशांत और भूषण की गिरफ्तारी के बाद मुंबई चले गए। एसपी सत्यवीर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम मुंबई भेज दी गई है। वहां अभ्यर्थियों से संपर्क करके गिरोह के अन्य लोगों का भी पता लगाया जाएगा।
रेलवे अधिकारी से भी पूछताछ
पुलिस ने जांच में पाया था कि आरोपी कुछेक बेरोजगारों को डीआरएम ऑफिस तक ले गए। वहां उन्होंने फार्म पर अंगूठे भी लगवाए। इसके चलते ओएस प्रेमचंद से पूछताछ की गई है, लेकिन वह किसी भी साजिश से इनकार कर रहे हैं। पुलिस सबकी कॉल डिटेल से अधिकारियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
खाते में एक दिन में जमा हुए 5 लाख
पुलिस को बैंक की पर्ची मिली थी, जो खाता नितिन कृष्ण वाडेकर के नाम था। वह आर्थर रोड मुंबई का रहने वाला है। उसका खाता महाराष्ट्र बैंक में 2007 मई में खुला था। 2012 तक मामूली रकम जमा हुई, लेकिन नवंबर 2013 में 5 लाख से अधिक राशि जमा हुई। 28 दिसंबर को एक साथ 5 लाख रुपए जमा हुए। 31 दिसंबर को 2 लाख रुपए जमा हुए। उसके खाते में फिलहाल 5 हजार रुपए हैं। आरोपी रुपए जमा करते ही निकाल लेता था। पुलिस उसका खाता भी सीज करवा रही है।