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२००५ से पहले के नोटों पर इनकम टैक्स की नजर

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - कोटा
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के 2005 से पहले के 500 रुपए के नोट बदलने के फैसले के बाद आभूषण एवं प्रॉपर्टी की खरीदारी में बढ़ोतरी की संभावना को ध्यान में रखते हुए अब आयकर विभाग भी सक्रिय हो गया है।
आयकर विभाग का कहना है कि पुराने नोट खपाने के लिए सोना या आभूषण खरीदने पर लगाम कसने के लिए ज्वैलरी की सेल्स टैक्स की रसीद भी मांगी जाएंगी। अधिकारी जेवर कारोबारियों से पुराने नोट बदलने वालों की जानकारी तो मांगेगा ही, साथ ही उन ग्राहकों की जानकारी लेगा, जिन्होंने आरबीआई के पुराने नोट बदलने के फैसले के बाद सोने की बड़ी खरीदारी की है। अधिकारियों ने कारोबारियों को ऐसे ग्राहकों की सूची बनाने को भी कहा है। प्रॉपर्टी खरीद पर नजर रखने के लिए उप रजिस्ट्रार भू पंजीयन विभाग से भी जानकारी ली जाएगी। आयकर आयुक्त प्रेमप्रकाश ने बताया कि 50 लाख से ऊपर की प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में टीडीएस काटने और 2 लाख से ऊपर की ज्वैलरी में पेन कार्ड जरूरी है। इन मामलों में भी पहले से ही आयकर विभाग की नजर है।