- Hindi News
- सुबह चालान काटे, लेकिन शाम को फिर फुटपाथों पर सज गई दुकानें
सुबह चालान काटे, लेकिन शाम को फिर फुटपाथों पर सज गई दुकानें
भास्कर न्यूज - कोटा
छावनी से एरोड्रम के बीच सड़क तक सामान फैलाने वालों के खिलाफ बुधवार को महापौर डॉ. रत्ना जैन ने सख्ती की। इसके बाद सड़क चौड़ी हो गई, लेकिन ये ज्यादा देर तक नहीं रह सकी। दोपहर में कार्रवाई खत्म होने के बाद शाम तक वापस दुकानों का सामान फुटपाथ और सड़क तक सज गया। उन्होंने 19 व्यापारियों के 500-500 रुपए के चालान बनाए। इस दौरान एक टायर व्यापारी द्वारा चालान से मना करने पर व्यापारी, निगमकर्मियों व महापौर के बीच झड़प भी हुई।
पिछले दिनों महापौर ने सफाई व अतिक्रमण अभियान के दौरान छावनी से एरोड्रम चौराहे के बीच के व्यापारियों को चेतावनी दी थी कि वो सामान समेटकर रखें। सुबह 10 बजे महापौर निगमकर्मियों को साथ लेकर छावनी चौराहे पर पहुंचीं। वहां पर पहले जैसा हाल था, व्यापारियों ने अपना सामान फुटपाथ और कुछ ने तो सड़क तक फैला रखा था। एक-दो व्यापारियों के चालान बनते ही कुछ व्यापारियों ने तो स्वत: ही सामान समेटना शुरू कर दिया। निगम की टीम चालान अतिक्रमण के काट रही थी, लेकिन रसीद गृहकर की दे रही थी।
महापौर जब टायर की दुकान पर पहुंचीं तो फुटपाथ पर टायर पड़े हुए थे। महापौर ने मालिक अशोक नुवाल से चालान बनाने के लिए कहा तो वे बहस पर उतर आए। उनका कहना था कि अभी-अभी माल खाली हुआ है, भीतर रख ही रहे हैं तो चालान किस बात का। इस बात पर निगमकर्मियों व व्यापारी व महापौर के बीच जमकर झड़प हुई। आसपास के व्यापारियों ने समझाइश कर 500 रुपए का चालान कटवाया। एरोड्रम सर्किल पर होटल का अतिक्रमण हटाया। अभियान समाप्त हो गया तो दुकानदारों ने फिर से सामान रखना शुरू कर दिया। भास्कर रिपोर्टर शाम को उसी बाजार पहुंचा तो वहां वापस अतिक्रमण हो चुका था।
॥पिछली बार व्यापारियों को समझा दिया था। उसके बाद भी वो सड़क पर सामान रख रहे हैं। जुर्माना इसलिए किया ताकि आर्थिक मार पड़ेगी तो व्यापारी अपनी ये आदत छोडेंग़े। राशि निगम के खजाने में जा रही है। रसीद अलग होने से क्या फर्क पड़ता है।’
- डॉ. रत्ना जैन, महापौर
चालान अतिक्रमण का, रसीद थमा रहे
गृहकर की
व्यापारी नुवाल का कहना है कि महापौर व निगमकर्मी दादागिरी कर रहे हैं। चालान अतिक्रमण का काट रहे हैं और जो रसीद दे रहे हैं उस पर गृहकर छपा हुआ है। जब निगमकर्मियों से चालान के बारे मे बात की तो वे गालीगलौज करने पर उतर आए। महापौर से शिकायत की तो वो माफी मांगने लगीं।