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3 महीने के सहायक नर्सिंग कोर्स के बारे में सच बताएं मेयर: एसोसिएशन

7 वर्ष पहले
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कोटा - नगर निगम के नर्सिंग सहायक कोर्स पर विवाद गहराता जा रहा है। राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन ने मेयर से सच बोलने का आग्रह किया है। एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष बिरधीलाल नागर ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि नर्सिंग हितों से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसोसिएशन और नर्सिंग स्टूडेंट्स के विरोध के बाद मंगलवार को समझाने के लिए नर्सिंग कॉलेज पहुंची महापौर डॉ. रत्ना जैन को जबरदस्त विरोध झेलना पड़ा था। तब मेयर ने कहा था कि यह कोर्स नर्सिंग से अगल है और इसमें बेड लगाने, कपड़े बदलने और मरीज को थोड़ा घुमाने-फिराने जैसे काम सिखाए जाते हैं। इस पर एसोसिएशन ने कहा है कि 4 जनवरी को एमबीएस अस्पताल की ओर से जारी विज्ञप्ति में 3 महीने के नर्सिंग सहायक कोर्स, मदर एंड चाइल्ड केयर एवं ट्रोमा केयर के निशुल्क प्रशिक्षण की बात कही थी। ये तीनों सीधे-सीधे नर्सिंग से जुड़े कोर्स हैं और ट्रोमा केयर तो सुपर स्पेशलिटी श्रेणी में आता है।
भुगतान में भी गड़बड़ी
एसोसिएशन ने कहा है कि पिछली बार हुए प्रशिक्षण में बीपीएल अभ्यर्थियों को 1500 रुपए की जगह केवल 1415 रुपए का भुगतान किया गया। वहीं 300 घंटे के निर्धारित प्रशिक्षण के लिए 503 घंटे का भुगतान किया गया। इसकी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि 225 घंटे प्रायोगिक प्रशिक्षण देने वालों को एक पैसा भी नहीं और केवल 75 घंटे सैद्धांतिक प्रशिक्षण देने वाले को 503 घंटे का मानदेय देना स्पष्ट अनियमितता है।



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