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रिसर्च के लिए लाखों रुपए के एन्साइक्लोपीडिया सेट
भास्कर न्यूज - कोटा
किताबों का ऐसा संसार, जिनमें दुनिया की सबसे नवीनतम नैनो टेक्नोलॉजी, जेनेटिक्स से लेकर सॉफ्ट स्किल , कंपनी एक्ट, 2013 और डायरेक्ट टैक्स जैसे कई ज्वलंत विषयों की किताबें हैं जो आईआईटी या आईआईएम की लाइब्रेरी में ही देखने को मिलती हैं।
राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के रामानुजम हाल में गुरुवार से शुरू हुई दूसरी राष्ट्रीय पुस्तक प्रदर्शनी में महंगी किताबें मुख्य आकर्षण रही। किताबें देखने आए छात्रों की नजरें ब्रांच से जुडे टॉपिक ढूंढती रही तो कोई कीमतें देख दंग रह गए। पॉलीमर साइंस के एन्साइक्लोपीडिया में 10 वॉल्यूम हैं, जिनकी कीमत है 3250 डॉलर यानी करीब तीन लाख रुपए। 40 किलो वजनी मोटी किताबों का यह सेट वेदों की तरह भारी भरकम है। बायोडायवर्सिटी के एन्साइक्लोपीडिया में 7 वॉल्यूम की कीमत है डेढ़ लाख रुपए। इसी तरह जेनेटिक्स के एन्साइक्लोपीडिया की कीमत सवा लाख रुपए है।
एमटेक और पीएचडी कर रहे प्रोफेसर और छात्र पहले दिन नामी अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन समूहों की ऐसी कई कीमती किताबें देखने में व्यस्त रहे। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के भारतीय प्रकाशक पवन गुप्ता ने बताया कि वे 220 तरह की बुक्स लेकर आए हैं। इनमें एयरो मेकेनिक्स, एयरक्राफ्ट फ्लाइट परफार्मेंस, मूक बच्चों के ब्रेन को विकसित करने के लिए ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेसिंग, नैना ऑप्टिक्स, ग्लोबल ई-बिजनेस जैसी कई किताबें पहली बार लेकर आए हैं। सेन गेज लर्निंग के रंजीत कुमार ने बताया कि वे महंगी इंटरनेशनल बुक्स का लो प्राइस एडीशन लेकर आए हैं। इससे 5 हजार रुपए की इंटरनेशनल बुक का भारतीय वर्जन 500 रुपए में मिल रहा है। उनकी द 8051 माइक्रो कंप्यूटर, पावर सिस्टम, सर्किट एनालिसिस, मेटा-लैब आदि बेस्ट सेलर बुक हैं। अटलांटिक पब्लिशर्स के सुजीत सिंह के अनुसार, उनके स्टाल पर रिसर्च बुक्स की रेंज 50 हजार से डेढ़ लाख रुपए तक है। यहां सुपर मॉलीक्यूल केमिस्ट्री के 8 वॉल्यूम का सेट डेढ़ लाख रुपए का है। सिंगापुर, यूके, यूएसए, ग्रेट ब्रिटेन के कई प्रकाशकों की किताबें यहां उपलब्ध है। प्रदर्शनी सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों के लिए शुक्रवार शाम 5 बजे तक खुली रहेगी।
आईआईटी बुक्स का सबसे बड़ा संग्रह भी है यहां
टाटा मैग्रा हिल्स के अमित गुप्ता ने बताया कि वे टेक्स्ट और रेफरेंस बुक्स के 100 नए टाइटल लेकर आए हैं। टेलर एंड फ्रांसिस ग्रुप, यूके की 60 हजार बुक्स हैं, इसमें हर साल 4 हजार नई बुक्स आती हैं। हृयूमेनिटीज के लिए राउटलेज और इंजीनियरिंग के लिए सीआरसी के मल्टी वॉल्यूम सेट की रेंज 3 हजार से 40 हजार तक है। यहां द यूरोपा ऑफ वल्र्ड ऑफ लर्निंग,2014 सबसे नया वर्जन है। नरोशा पब्लिकेशन के रोहित कुमार ने बताया कि उनके पास आईआईटी प्रोफेसर्स की लिखी हुई बुक्स का सबसे बड़ा संग्रह है। ये किताबें 150 से 2 हजार रु. की रेंज में हैं।
हर साल 90 लाख का बजट
शुरुआत में प्रति कुलपति और यूसीई के निदेशक प्रो.ओ पी छंगाणी ने प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कहा कि शिक्षकों और छात्रों को 20 से 25 फीसदी की छूट मिलने से फायदा होगा। कई महंगे वॉल्यूम यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी के लिए भी खरीदे जाएंगे ताकि छात्रों को उनका लाभ मिल सके। लाइब्रेरियन गोपाल विप्र ने बताया कि टेक्यूप आरटीयू के पास फिलहाल 95 हजार किताबों का संग्रह है। टेक्यूप स्कीम में यूसीई को नई किताबों के लिए हर साल 50 लाख रु. और ई-जर्नल के लिए 40 लाख रुपए का बजट मिल रहा है। कई महंगे वर्जन लाइब्रेरी में उपलब्ध कराए जाएंगे।
हर साल 90 लाख का बजट
शुरुआत में प्रति कुलपति और यूसीई के निदेशक प्रो.ओ पी छंगाणी ने प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कहा कि शिक्षकों और छात्रों को 20 से 25 फीसदी की छूट मिलने से फायदा होगा। कई महंगे वॉल्यूम यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी के लिए भी खरीदे जाएंगे ताकि छात्रों को उनका लाभ मिल सके। लाइब्रेरियन गोपाल विप्र ने बताया कि टेक्यूप आरटीयू के पास फिलहाल 95 हजार किताबों का संग्रह है। टेक्यूप स्कीम में यूसीई को नई किताबों के लिए हर साल 50 लाख रु. और ई-जर्नल के लिए 40 लाख रुपए का बजट मिल रहा है। कई महंगे वर्जन लाइब्रेरी में उपलब्ध कराए जाएंगे।
आईआईटी बुक्स का सबसे बड़ा संग्रह भी है यहां
टाटा मैग्रा हिल्स के अमित गुप्ता ने बताया कि वे टेक्स्ट और रेफरेंस बुक्स के 100 नए टाइटल लेकर आए हैं। टेलर एंड फ्रांसिस ग्रुप, यूके की 60 हजार बुक्स हैं, इसमें हर साल 4 हजार नई बुक्स आती हैं। हृयूमेनिटीज के लिए राउटलेज और इंजीनियरिंग के लिए सीआरसी के मल्टी वॉल्यूम सेट की रेंज 3 हजार से 40 हजार तक है। यहां द यूरोपा ऑफ वल्र्ड ऑफ लर्निंग,2014 सबसे नया वर्जन है। नरोशा पब्लिकेशन के रोहित कुमार ने बताया कि उनके पास आईआईटी प्रोफेसर्स की लिखी हुई बुक्स का सबसे बड़ा संग्रह है। ये किताबें 150 से 2 हजार रु. की रेंज में हैं।