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थाने में ज्यादती कर महिला कांस्टेबल की हत्या करने वाले लांगरी को उम्रकैद

8 वर्ष पहले
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कोटा. चेचट के थाना परिसर में साढ़े तीन साल पहले महिला कांस्टेबल की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस घिनौने और जघन्य मामले में विशिष्ट न्यायालय महिला उत्पीडऩ एवं दहेज प्रकरण के न्यायाधीश अजय सिंह ने शनिवार को आरोपी लांगरी तुलसीराम को दोषी मानते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि पुलिसकर्मी देशराज को दोषमुक्त करार दिया। न्यायाधीश ने फैसला 29 पेज में सुनाया।

चेचट थाने में 29 सितंबर 2010 को देररात महिला कांस्टेबल की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने 30 सितंबर को सुबह उसके कमरे से खून से लथपथ शव बरामद किया था। पुलिस ने जांच में कांस्टेबल देशराज एवं लांगरी तुलसीराम की संदिग्ध भूमिका सामने आने पर दोनों को गिरफ्तार किया था।

दो दिन तक बंद रहा था कस्बा: वारदात के बाद दो दिन तक कस्बा बंद रहा। जनजीवन ठप था। गुस्साए लोगों ने तोडफ़ोड़ और आगजनी की। रोकने पहुंचे पुलिस जवानों को थाने तक खदेड़ा। कई बार लोगों ने थाने में घुसकर पत्थर बरसाए। पुलिस ने लाठियां बरसाने के साथ आंसू गैस छोड़ी। लोग थाने के सामने दो दिन तक डटे रहे थे। विधायक प्रहलाद गुंजल, भवानीसिंह राजावत, चंद्रकांता मेघवाल ने भी घटना के विरोध में कस्बे में धरना दे दिया था।
डीएनए टेस्ट कराया: पुलिस ने इस केस में मृतका और दोनों आरोपियों के खून और अन्य वस्तुओं का डीएनए टेस्ट करवाया। विशिष्ट लोक अभियोजक केके शर्मा ने बताया कि महिला और देशराज के बीच डीएनए की रिपोर्ट नेगेटिव, जबकि लांगरी तुलसीराम की डीएनए रिपोर्ट पॉजीटिव आई।

खचाखच भरा था कोर्ट का भवन
आम दिनों की अपेक्षा शनिवार को बहुचर्चित दुष्कर्म हत्याकांड का फैसला होने से कोर्ट परिसर में अच्छी खासी भीड़ रही। वहीं वकील और अन्य लोग भी इस फैसले को सुनने के लिए कोर्ट भवन में खड़े थे।