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टोडा के सुस्त कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज क्च टोडारायसिंह
यहां उपखंड कार्यालय पर एसडीएम सूरजसिंह नेगी ने पंचायत समिति, तहसील व कृषि विभागीय अधिकारियों की बैठक में आयोजित की गई। इसमें कार्यों की समीक्षा कर लापरवाह कर्मी के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
बैठक में एसडीएम नेगी ने विकास अधिकारी डीडी गुप्ता को आगाह किया कि प्रशासन गांव के संग अभियान के दौरान जिन लोगों के पट्टे बनाए गए थे। उनको वितरित किए गए हैं या नहीं, इस बाबत 7 दिवस में पंचायत सचिवों को बुलवाकर पट्टा वितरण संबंधी प्रमाण पत्र लें। यदि किसी व्यक्ति को अभियान में पट्टा बनने के बावजूद प्राप्त नहीं हुआ है तो संबंधित सचिव के विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसी प्रकार जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र समय पर तैयार कर संबंधित को वितरित करना सुनिश्चितता किया जाए। सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक कार्य दिवस को राजीव गांधी सेवा केंद्र पर बैठक कर सुनवाई के अधिकार के तहत प्रार्थना पत्र लिए जा रहे हैं या नहीं इस संबंध में प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए।
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान एसडीएम नेगी ने तहसीलदार औंकारमल चौधरी को बताया कि अक्षर पटवारी के खिलाफ रजिस्ट्री, विरासत, न्यायालय डिक्री या रहन के नामांतरण के लिए पक्षकारान को अनावश्यक रूप से परेशान करने की शिकायत मिलती है। इससे निजात के लिए व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू की जाए। रजिस्ट्री का नामांतरण भरने के लिए काश्तकार पटवारी के पास न जाकर रजिस्ट्री की एक प्रति नियम 141 के तहत आफिस कानूनगो कार्यालय में देने का जो प्रावधान है उसका कठोरता से पालन किया जाए। अब व्यवस्था यह होनी चाहिए कि माह की एक तारीख से 15 तारीख तक के रजिस्ट्रीशुदा दस्तावेजों का नामांतरण उस माह की 20 तारीख से पूर्व ही खोले जाएं। 22 तारीख की बैठक में उनकी समीक्षा होगी।
इसी प्रकार 16 तारीख से माह की अंतिम तिथि तक की रजिस्ट्री के नामांतरण आगामी माह की 5 तारीख से पूर्व खोले जाए। इसकी समीक्षा 7 तारीख की बैठक में की जाएगी। नामांतरण में पटवारी पारदर्शिता रखें। वरना इस बाबत शिकायत मिलने पर पटवारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इन कार्यों की समीक्षा तहसीलदार व नायब तहसीलदार सर्किलवार करेंगे। कृषि अधिकारियों को हिदायत दी गई कि विभाग की ओर से वितरित किए जाने वाले खाद-बीज वितरण में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए। यदि सामग्री मांग के अनुरूप कम आती है तो पृथक से मांग की जाए। सामग्री वितरण निर्धारित कार्यालय या सार्वजनिक स्थल पर करें।रोटेशन से वितरण करने की सुनिश्चितता करें। कृषि पर्यवेक्षक फिल्ड में ही रहकर काश्तकारों को जानकारी दें। इसके अलावा फार्म पॉण्ड अनुदान शीघ्र देने के निर्देश दिए गए। यदि चरागाह या सिवायचक में फार्म पॉण्ड बनाए गए हैं तो उनका पैसा रोकने के निर्देश दिए गए हैं। काश्तकार ने फार्म पॉण्ड की मिट्टी सड़क पर डाली है तो उससे मिट्टी हटवाई जाने के पश्चात ही भुगतान हो ऐसी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।