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दूनी तहसील भूमि आबंटन का मुद्दा छाया

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - देवली
स्थानीय पंचायत समिति परिसर में सोमवार को जिला कलेक्टर डॉ.टीना कुमारी के सानिध्य में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सभी विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी मे लोगों ने अपनी पीड़ा सुनाईं। जनसुनवाई मे नवसृजित दूनी तहसील कार्यालय भवन के लिए भूमि आवंटन का मामला छाया रहा। जहां पंचायत प्रशासन तहसील कार्यालय को पूर्व आवंटित भूमि पर बनाने पर जोर दिया। वही ग्राम विकास समिति ने उस जगह को कम बताकर नई जगह बनाने पर अपना पक्ष रखा।
इस दौरान बिजली, अतिक्रमण, मूलभूत सुविधाओं, आबादी पट्टे, पालिका व तहसील में भ्रष्टाचार के मामलो की शिकायते भी सामने आईं। कलेक्टर ने राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप समस्याओं का निस्तारण पंजीकृत कर समय पर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए ।
सोमवार सुबह जिला कलेक्टर ने पंचायत समिति पहुंचकर आम लोगों की तकलीफों को सुनने के लिए जनसुनवाई का दरबार लगाया, जिसमें ब्लॉक एवं जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी भी शामिल हुए। जन सुनवाई मे बीसलपुर परियोजना के विस्थापितों ने विस्थापित कॉलोनियों में सुविधाओं के नाम पर किए गए खिलवाड़ को लेकर अपनी बात रखी, लेकिन परियोजना अधिकारियों को विस्थापितों की समस्या तो सही लगी। समाधान को लेकर कलेक्टर के पूछे जवाब पर अधिकारी बंगले झांकने लगे। कलेक्टर ने अधिकारियो को लताड़ लगाते हुए विस्थापितों की समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए। उपखण्ड मे नवसृजित दूनी तहसील कार्यालय बनाने के मामले में विवाद पैदा हो गया। जनसुनवाई मे पंचायत सरपंच रामकिशन के नेतृत्व मे आए लोगो ने नारे बाजी कर तहसील कार्यालय पूर्व मे आवंटित जगह पर बनाने की मांग की। प्रतिनिधि मंडल ने कलक्टर से आबादी के पास कार्यालय होने का हवाला भी दिया। वही दूनी ग्राम विकास समिति इस जगह को भविष्य के लिए कम बताते हुए दूसरी जगह भूमि आवंटन की मांग रखी।
इस मामले को लेकर जन सुनवाई मे करीब एक घंटे तक बहस होती रही है। कलक्टर ने दूनी तहसीलदार से मामले की जानकारी मांगी लेकिन वह भी वस्तु स्थिति
को नहीं बता पाए। कलेक्टर ने मामले की पूरी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए है।
जनसुनवाई बैठक में नगरपालिका पार्षदों ने पालिका मे भ्रष्टाचार के मामले की शिकायत दी तथा कार्रवाई की मांग की । तहसीलदार के खिलाफ भी भ्रष्टाचार करने का मामला उठा। वहीं देवली गांव मे आबादी भूमि के पट्टे फेराफेरी मास्टर प्लान की परिधि से दूर पंचायत की आबादी क्षेत्र के 500 वर्ग मीटर की भूमि आबादी के लिए पंचायत को देने की मांग भी रखी गई। वही बिजली, हैंडपंप समेत अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई भी कि गई। कलेक्टर ने आमजन को आश्वस्त किया कि हर माह जन सुनवाई होगी। सबकी शिकायते पंजीकृत कर समय पर निस्तारण करने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को चेताया कि कार्य में कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जन सुनवाई मे अतिरिक्त कलक्टर पुनर्वास बीसलपुर परियोजना, तहसीलदार, विकास अधिकारी, प्रधान जगदीश चौधरी भी मौजुद थे।
अलग जनसुनवाई
जिला कलेक्टर की जन सुनवाई के विपरीत पालिका मे भी कार्यक्रम रखा, जिसमें नामांतरण, नाली निर्माण, हैंडपंप मरम्मत, गेहूं आवंटन, सफाई एवं रोशनी व्यवस्था से संबंधित 13 प्रकरण आए। प्रकरणों के निस्तारण को लेकर पालिकाध्यक्ष ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए।