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00भगवानपुरा में कीचड़ से रास्ते अवरूद्ध फोटो समाचार-एगांव के 12 महीने ही मुख्य रास्तों में रहता है कीचड़, बीसलपुर ग्रामीण पेयजल से भी महरूम ग्रामीण, गांव की 800 की आबादी फिर भी राजस्व गांव...

7 वर्ष पहले
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टोडारायसिंह - ग्राम पंचायत भासू के भगवानपुरा प्रशासनिक अनदेखी के चलते विकास में पिछड़ा है। इसके मुख्य रास्ते एक-एक फुट गहरे कीचड़ से अटे पड़े हैं। टोडारायसिंह रोड से गांव में जाने की भी सड़क नहीं है जबकि इसकी आबादी 800 के करीब है।
राज्य सरकार 250 से 500 की आबादी वाले गांवों को सड़क जोड़ रही है लेकिन इस गांव को आज तक मुख्य सड़क से गांव के रास्ते पर ग्रेवल भी नहीं बनी है। गांव के तो हालात तो और भी बदतर हैं। इसके मुख्य रास्तों में पूरे बारह महीने ही कीचड़ जमा रहता है। इससे पूरे गांव में मच्छरों का प्रकोप का रहता है व बदबू से लोगों को काफी परेशानी होती है। आस पास के गांवों को बीसलपुर ग्रामीण पेयजल योजना से जोड़ दिया गया लेकिन इस गांव को छोड़ दिया गया है। इससे ग्रामीण फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं।
गांव में करीब 800 की जनसंख्या है जिसमें 40 घर धाकड़ समाज के हैं, 20 घर जाट समाज के, 3 घर भील समाज के व 4 घर मुस्लिम समाज के हैं। निर्धन बच्चों के लिए आंगनबाड़ी उपकेन्द्र भी नहीं है। इस गांव में फसल की बंपर पैदावार होती है लेकिन कच्चे व कीचड़ के रास्तों से धान को मंडी तक ले जाने में किसानों को भारी असुविधा होती है। बाइक चालक तो कई बार फिसल कर चोटिल भी हो चुके है। यहां तक कि भारी कीचड़ के चलते ही बाहर के लोग गांव में आने से कतराते है। स्कूली बच्चे कीचड़ में गिर चोटिल हो जाते हैं।
यहां के ग्रामीण रामकरण धाकड़, प्रहलाद धाकड़, पूर्व सरपंच रामकिशन धाकड़, जगदीश जाट, जीणराम जाट, गोपाल धाकड़, हनुमान लुहार, महावीर, घीसा धाकड़, नंदा धाकड़, उगमा धाकड़, रोडू भील, कैलाश भील, पराग जाट ने बताया कि इस गांव को राजस्व गांव घोषित कराने के लिए भी प्रशासन को फाइल जमा करवा दी गई है लेकिन अभी तक राजस्व गांव भी घोषित नहीं किया गया है और न ही इसे सड़क से जोड़ा गया है। गांव में सीसी रोड नहीं होने से चहुंओर कीचड़ रहता है।