• Hindi News
  • अग्नि मंथन के बाद नवकुंडीय शतचंडी महायज्ञ शुरू

अग्नि मंथन के बाद नवकुंडीय शतचंडी महायज्ञ शुरू

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज क्च मेड़ता रोड
कस्बे के ब्रह्माणी माता मंदिर परिसर में नवकुंडीय शतचंडी महायज्ञ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुआ। शाकंभरी नवरात्रि अवसर पर नवकुंडीय महायज्ञ यज्ञाचार्य पं. बसंत कुमार श्रीमाली और 11 ब्रह्मवंद के सान्निध्य में मंगलवार को सुबह 9 से दोपहर साढ़े 11 बजे तक मंडप द्वार पूजन, मंडप प्रवेश, गणपति पूजन, योगिनी क्षेत्रपाल, अग्नि स्थापना, नवग्रह स्थापना के साथ हवन प्रारंभ हुआ।
सर्वप्रथम अग्नि मंथन से उत्पन्न अग्नि से हवन की शुरुआत की गई। दोपहर तीन से सायं 6 बजे तक रूद्रस्वाहाकर, दुर्गा सप्तशती का हवन, श्रीसुक्त पर्यंत हुआ। यज्ञ प्रारंभ के समय भगवतीलाल शर्मा, अंबालाल जांगला, राधेश्याम शर्मा, कमल शर्मा, पूर्व सरपंच रामचंद्र वैष्णव, पंडित अशोक दाधीच आदि श्रद्धालु थे।
ऐसे हुई अग्नि उत्पन्न : लकड़ी के बने संसाधन में घी, रूई, कपूर आदि डालकर बिलौना की तरह उसे करने पर करीब एक घंटे के घर्षण के बाद अग्नि स्वत: ही उत्पन्न होने पर यज्ञ प्रारंभ किया गया। ऐसा पहली बार कस्बे में होने से भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
कुचामन सिटी. माहेश्वरी महिला मंडल के तत्वावधान में पुराने माहेश्वरी भवन परिसर में पौषबड़ा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। महोत्सव के तहत भजन-कीर्तन किए गए। इसके बाद पौषबड़ा का भगवान को भोग लगाकर उपस्थितों को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान महिलाओं में उत्साह और उमंग का माहौल रहा। इस अवसर पर अध्यक्ष उमा खटोड, सचिव सुमित्रा सोमानी, सांस्कृतिक सचिव कृष्णा मंत्री सहित महिलाएं उपस्थित रहीं।