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जवाई बांध क्षेत्र में पहली बार होगा बर्ड वॉचिंग फेयर
सुमेरपुर, बाली और फालना के करीब 100 से अधिक स्टूडेंट्स लेंगे इस फेयर में भाग, एक्सपर्ट देंगे प्रवासी पक्षियों के बारे में जानकारी, स्टूडेंट्स को संभाग के पहले आईपीसी सेंटर का भी कराया
जाएगा भ्रमण
भास्कर न्यूज - पाली
जिले के जवाई बांध क्षेत्र सहित आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई महीनों से देसी-विदेशी प्रवासी पक्षियों की आवाजाही बढ़ गई है। इसके चलते अब यह प्रवासी पक्षी जिले को नई पहचान दिला रहे हैं। इसके लिए वन विभाग और जवाई रेंज के अधिकारियों ने पहल करते हुए पहली बार जवाई क्षेत्र में बर्ड वॉचिंग फेयर का आयोजन कर रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार विभाग की ओर से यह फेयर शुक्रवार को होगा। इस में सुमेरपुर, बाली और फालना के स्कूल व कॉलेज के करीब 100 से अधिक स्टूडेंट्स भाग लेंगे। इस फेअर में कई एक्सपर्ट सहित विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे, जो स्टूडेंट्स व फेयर में आने वाले बच्चों को इन पक्षियों के बारे में जानकारी देंगे। शेषक्चपेज १५
साथ ही इन स्कूली बच्चों को संभाग के पहले आईपीसी सेंटर में भी भ्रमण कराया जाएगा। जहां जवाई क्षेत्र में मिलने वाली वनस्पतियों सहित वाइल्ड लाइफ की जानकारी दी जाएगी। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में जवाई क्षेत्र में इन पक्षियों की आवाजाही बढऩे के बाद विभाग की ओर से सर्वे कराया गया था। इसके बाद पाली के जलीय पक्षियों के नाम से बुकलेट भी छपवाई थी, जिनमें पक्षियों के बारे में सामान्य जानकारी दी गई थी। इसके बाद ही विभाग की ओर से जिले में बड्र्स वॉचिंग फेअर आयोजित करने की प्लानिंग बनाई गई थी।
कुरजां ने भी बनाई पहचान
पाली के आसपास भी ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां प्रवासी पक्षियों ने अपना आश्रय स्थल बना रखा है। यहां भी एक और बड्र्स वॉचिंग फेयर का आयोजन कराया जा सकता है। इनमें रोहट क्षेत्र में कुरजां पक्षी के लिए यह फेअर आयोजित हो सकता है। गौरतलब है कि गत माह रोहट सहित इसके आसपास के क्षेत्रों में कुरजां पक्षियों को देखा गया था।
अल सुबह होगा आगाज
विभागीय अधिकारियों के अनुसार सुबह करीब साढ़े दस बजे से स्कूली बच्चे व कॉलेज स्टूडेंट्स बस से जवाई बांध पहुंचेंगे। यहां इन पक्षियों के जानकार तथा विभागीय अधिकारी स्टूडेंट्स को पक्षियों की जानकारी देंगे। इसके लिए स्थानीय रेंज आफिसर की ओर से भी तैयारियां पूरी कर दी गई हैं। साथ ही स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी इसमें शिरकत कर सकते हैं।
॥विभाग की ओर से प्राथमिक स्तर पर इसकी तैयारियां पूरी कर दी गई है। गुरुवार को सुमेरपुर जाकर इसकी तैयारियों को लेकर अंतिम रूपरेखा तैयार की जाएगी। हमारा उद्देश्य यह है कि इस बड्र्स वॉचिंग फेअर के माध्यम से स्टूडेंट्स को हमारे यहां के प्रवासी पक्षियों के बारे में जानकारी मिले। साथ ही आने वाले समय में यदि संभव हो सका तो टूरिस्ट पाइंट के मुताबिक भी बड्र्स वॉचिंग फेयर का आयोजन कराया जाएगा।
- ओपी शर्मा, डीएफओ, वन विभाग, पाली
अभी इन पक्षियों का है जवाई क्षेत्र में पड़ाव
नेचर एक्सपट्र्स के अनुसार साइबेरिया, चीन, अफगानिस्तान, अफ्रीकी, यूरोपीय देशों और हिमालय के इलाकों की कंपकंपाती ठंड से बचने के लिए यहां पहुंचते हैं तथा मौसम के मुताबिक लंबे समय तक यहां प्रवास करते हैं। इनमें बार हैडेड गोस, इंडियन फ्लेमिंगो, एशियन ओपन बिल स्ट्रोक, ब्लैक हैडेड आईबीस, ग्रेट ईग्रेट, ग्रे हेरोन, इंडियन पोंड हेरोन ग्रेटर फ्लेमिंगों, लेसर फ्लेमिंगों, इंडियन सारस क्रेन, एशियन ओपन बिल स्टॉर्क, ब्लेक आईबिस, ब्लेक हैडेड आईबिस, ब्लेक टाइल्ड गोडविट, ब्लेक विग्ड स्टील्ट, कॉमन सेंड पाइपर , यूरेशियन स्पून बिल, ग्लॉसी आईबिस, ग्रेट ईग्रेट, ग्रे हेरोन, इंडियन पोंड लिटिल बिटर्न सहित कई पक्षी हैं।
90 से अधिक प्रजातियों
के हैं पक्षी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में जवाई क्षेत्र में करीब 90 से अधिक देसी व विदेशी प्रवासी पक्षी डेरा डाले हुए हैं। वैसे यह साल में दो बार इस क्षेत्र में प्रजनन करते हैं। गर्मी के दिनों में जून व जुलाई और सर्द मौसम में नवंबर से फरवरी के अंतिम सप्ताह तक यह इन पक्षियों का इस क्षेत्र में पड़ाव रहता है। पहले इस क्षेत्र में करीब 30 प्रजातियों के पक्षी आते थे, लेकिन, जैसे-जैसे सर्द मौसम बढ़ता गया वैसे ही इन पक्षियों की तादात बढ़ती गई।
अधिकारी देंगे बच्चों को देसी-विदेशी पक्षियों के बारे में जानकारी
अच्छी खबर
जवाई क्षेत्र में आ रहे देसी-विदेशी प्रवासी पक्षियों की जानकारी के लिए वन विभाग व जवाई रेंज मिलकर लगाएगा बर्ड वॉचिंग फेयर