पशु चिकित्सक दल पहुंचा सारंगवास
भास्कर न्यूज - सोजत रोड
अज्ञात बीमारी से छत्तीस बकरियों की मौत शीर्षक से दैनिक भास्कर में 28 जनवरी को समाचार प्रकाशित होने के बाद पशु चिकित्सकों का एक दल मंगलवार को सारंगवास गांव पहुंचा व बीमार बकरियों का उपचार किया। पशु चिकित्सालय के नोडल अधिकारी पाली सुरेश कुमार व कम्पाउंडर फूलनाथ सारंगवास गांव पहुंचे। लगातार हुई बकरियों की मौत की वास्तविक स्थिति जानने के पशु चिकित्सक मृत बकरी का पोस्टमार्टम करना चाह रहे थे, लेकिन मृत बकरियों का शव खुले में डाले जाने से रात्रि में अन्य जानवरों द्वारा शव को अन्यत्र ले जाए जाने से मिल नहीं पाए। इससे पोस्टमार्टम की कार्रवाई नहीं हो पाई। गौरतलब है कि सारंगवास गांव में पशुपालक घीसाराम के यहां गत पंद्रह दिनों से रोजाना दो-तीन बकरियां अज्ञात बीमारी के चलते मर रही थी। पशुपालक ने उपचार भी करवाया, लेकिन बकरियों के मरने का सिलसिला जारी रहा। गत पंद्रह दिनों में चालीस बकरियों में मात्र अब चार बकरियां शेष रह गई है।
शव नहीं मिलने से नहीं हो पाया पोस्टमार्टम
॥बकरियों की मौत का कारण जानने के लिए मृत बकरी के शव का पोस्टमार्टम जरूरी होता है, लेकिन शव नहीं मिलने से पोस्टमार्टम की कार्रवाई नहीं हो सकी। जिसके चलते बकरियो की मौत के कारण का पता नहीं चल पाया है।
-फूलनाथ, पशु चिकित्सालय कम्पाउंडर
- अज्ञात बीमारी से छत्तीस बकरियों की मौत का मामला, दल ने बीमार बकरियों का उपचार