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भ्रूण हत्या महापाप : निर्मलस्वरूप

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - सोजत रोड
दतात्रेय आश्रम जम्मू के संत निर्मल स्वरूप महाराज ने कहां कि भ्रूण हत्या महापाप है। यह समाज के लिए कलंक है। जीव हत्या सबसे बड़ा अपराध है। लड़का व लड़की में भेद करना संकीर्ण मानसिकता का परिचायक है। उन्होंने कहां कि धर्म शास्त्र के अनुसार भू्रण हत्या करने वाले को जीवन में किसी प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान या भगवन के कार्यों को करने का अधिकारी नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहां कि कन्या नहीं होगी तो सृष्टि क्रम अवरूद्ध हो जाएगा। पुत्री पुत्र से ज्यादा माता-पिता के लिए कल्याणकारी है। कन्या आज के युग में उतना ही महत्व रखती है जितना प्राचीनकाल में रखती थी।
चारों है समान दोषी : महाराज ने कहां कि भ्रूण हत्या के लिए चार जने समान दोषी ओर पाप के भागीदार है। भ्रूण हत्या करने वाला,भ्रूण हत्या करवाने वाला,इसमें सहयोग करने वाला व इसके लिए प्रेरित या अनुमोदन करने वाला। यह चारों समान रूप से दोषी है।
कन्यादान महादान : पुत्र का मोह रखने वालों के लिए कटाक्ष करते हुए महाराज ने कहां कि कन्यादान महादान है। इससे बड़ा दान ओर कोई हो ही नहीं सकता। उन्होंने कहां कि एक कन्यादान से कई अश्वमेघ यज्ञ करने के बराबर पुण्य लाभ प्राप्त होता है, जो पुत्र नहीं दिला सकता।



सरकार बनाए कठोर नियम

उन्होंने कहां कि भ्रूण हत्या करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए सरकार को कठोर नियम व दंड बनाने चाहिए। इस कृत्य के लिए जिम्मेदार सभी के लिए समान दंड व्यवस्था होनी चाहिए। इससे काफी हद तक इस पर अंकुश संभव होगा। भारत देश में भ्रूण हत्या हो रही है, यह पूरे देश के लिए शर्म की बात है।