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लोन देकर सोना नकली बताने के मामले में बैंक ने अब ग्राहकों को ही बनाया आरोपी

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - सोजत रोड
आईसीआईसीआई बैंक में लोन के बदले गिरवी रखे सोने के नकली पाए जाने के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। बैंक ने इस मामले में लोन लेने वाले ग्राहकों के खिलाफ ही धोखाधड़ी का आरोप लगाकर मामला दर्ज करवाया है। बैंक की सोजत रोड़ शाखा की ओर से थाने में दर्ज करवाए मामले में करीब 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है। गौरतलब है कि बैंक में करीब 11 किलो सोना रखकर 71 लाख रुपए के लोन देने का खुलासा भास्कर ने किया था। बैंक की ऑडिट में इस सोने को नकली पाया गया था। जबकि लोन से पहले गिरवी रखे सोने की जांच करने वाले ज्वेलर ने इसके असली होने का सर्टिफिकेट दिया था। पहले इस मामले में ग्राहकों ने बैंक को नोटिस दिया था कि उन्होंने बैंक में असली सोना रखा था वह अब नकली कैसे हो गया। अब बैंक ने लोन लेने वाले करीब 12 ग्राहकों पर ही नकली सोना रखकर करीब सवा करोड़ रुपए का ऋण लेने का केस दर्ज करवा दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार आईसीआईसीआई बैंक की पाली शाखा में नकली सोना रखकर ऋण लेने का प्रयास करने का मामला पकड़ में आने के बाद कोतवाली पुलिस में गिरफ्तार किए गए आरोपी भैराराम भील ने सोजत क्षेत्र की इसी बैंक शाखाओं से कई बार ऋण लेने की स्वीकारोक्ति की थी। इसके बाद बैंक अधिकारियों में हड़कंप मच गया तथा उच्च प्रबंधन ने उनके पास रखे गए सोने की जांच कराने के आदेश दिए थे। बताया जाता है कि सोजत रोड शाखा में गिरवी रखे गए सोने की जांच कराई गई तो पता चला कि इस शाखा में रखा गया काफी सोना जांच के दौरान नकली निकला है। इसके बाद बुधवार को आईसीआईसीआई बैंक सोजत रोड शाखा के जोनल मैनेजर ((फाइनेंशियल क्राइम)) परविंद्र शाह ने नकली गोल्ड पर 1 करोड़ 26 लाख 5 हजार 173 रुपए का ऋण लेने का मामला दर्ज कराया है। जोनल मैनेजर ने भटिंडा ((जोधपुर)) निवासी पारसमल जैन को मुख्य आरोपी बताते हुए मुकदमे में आरोप लगाया कि जैन ने अन्य सहयोगियों की मदद से करीब सवा करोड़ रुपए से अधिक गोल्ड लोन लिया। सोजत रोड थानाधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि बैंक प्रबंधन की रिपोर्ट पर यह मामला दर्ज कर लिया है।
जांच में असली, बाद में नकली कैसे हो गया सोना
बैंक से गोल्ड लोन लेने वाले ऋणदाताओं ने पहले आरोप लगाया था कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया अपनाकर सोना रखकर बैंक से ऋण लिया था। उनकी तरफ से बैंक में रखे जाने वाले सोने की भी बैंक ने अपने अधिकृत ज्वेलर्स से जांच कराई थी, जिसमें यह सोना असली होने के बाद ही बैंक ने उसकी कीमत आंकने के बाद ऋण दिया था, मगर अब उसी सोने को ही नकली बताया जा रहा है। बैंक प्रशासन ने बेवजह उनको फंसाने के लिए मुकदमा दर्ज कराया है।




आईसीआईसीआई बैंक सोजत शाखा द्वारा गोल्ड गिरवी रख लोन देने का मामला

जोधपुर. आईसीआईसीआई बैंक सोजत शाखा के ब्रांच मैनेजर जेपी वैष्णव को एपीओ कर दिया गया है। बैंक ने गोल्ड पर लोन देने के मामले में की जांच सेंट्रल ऑडिट टीम को दी है। टीम की जांच चलने तक बैंक मैनेजर कोई भी कामकाज नहीं करेंगे। डीबी स्टार ने 24 जनवरी को ‘11 किलो सोना गिरवी रख 71 लाख के लोन दिए, अब कह रहे-नकली था सोना’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। आईसीआईसीआई बैंक जयपुर की प्रवक्ता तरुणा व्यास ने बताया कि सोजत ब्रांच में गोल्ड पर लोन देने के मामले में मैनेजर जेपी वैष्णव को एपीओ किया गया है। जब तक जांच चलेगी वह बैंक कार्य में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। बैंक ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सेंट्रल ऑडिट टीम को जांच दी है। टीम ब्रांच मैनेजर के अलावा अन्य स्टाफ कर्मचारी, अधिकृत ज्वैलर, लोन धारक सहित अन्य लोगों के बयान लेगी। गौरतलब है कि आईसीआईसीआई बैंक सोजत शाखा में लोन के बदले पारसमल जैन, सायरी देवी, माणकराम, कैलाश माली, धन्नाराम और रमेश ने करीब 11 किलो सोना गिरवी रखा।


इधर, गोल्ड सत्यापन करने वाले ज्वैलर भी संदेह के घेरे में

आईसीआईसीआई बैंक द्वारा पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया गया है कि बैंक ने सोजत रोड कस्बे से प्रकाशमल मेहता व सोजत सिटी से कैलाश मेहता को सोने की जांच के लिए अधिकृत कर रखा है। इन ज्वैलर्स द्वारा नकली ज्वेलरी को सही ज्वेलरी होने का प्रमाण पत्र जारी करने के बाद बैंक ने इन आरोपियों को लोन जारी किया था। इस चलते माना जा रहा है कि इन ज्वेलर्स को भी पुलिस जांच के दौरान आरोपी बना सकती है।

इन लोगों को दिया सवा करोड़ का लोन

आईसीआईसीआई बैंक द्वारा स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराए गए धोखाधड़ी के मामले में बारह जनों को आरोपी बनाया गया है। इनमें सोजत रोड व सोजत सिटी ब्रांच से सवा करोड़ से अधिक रुपये का नकली गोल्ड देकर लोन लेने की बात कहीं गई हैं। आरोपियों में पारसमल जैन को 15 लाख रुपए, सरिया जैन पत्नी पारसमल जैन 14 लाख 16 हजार रुपए, महेंद्र जैन पुत्र पारसमल जैन को 8 लाख 86 हजार 973 रुपए, चंपालाल 2 लाख 51 हजार रुपए, रमेश 14 लाख 77 हजार 100रुपए, जीवराजसिंह 11 लाख 27 हजार रुपए, कैलाशचंद्र 14 लाख 90 हजार रुपए, भोलाराम को 3 लाख 97 हजार 500 रुपए, धन्नाराम 3 लाख 91 हजार रुपए, भैराराम 11 लाख 20 हजार 100 रुपए, माणकराम 14 लाख 81 हजार रुपए, राणाराम 7 लाख 95 हजार 500 रुपए गोल्ड लोन देना बताया गया है। सभी गोल्ड लोन अगस्त 2013 से दिसंबर 2013 के बीच बैंक द्वारा इनको दिया जाना बताया गया हैं। सबसे ज्यादा गोल्ड लोन 1 करोड़ 11 लाख 20 हजार 673 रुपए का सोजत रोड ब्रांच से दिया गया। वहीं सोजत सिटी ब्रांच से 14 लाख 84 हजार 500 रुपये का ऋण इन ग्राहकों को जारी किया गया।

बैंक ने अपने अधिकृत ज्वेलर्स से सोने की जांच करवाने के बाद गिरवी रखकर दिया था लोन, बाद में ऑडिट टीम ने जांच में इस सोने का बताया नकली, पहले ग्राहकों ने बैंक को नोटिस दिया था कि उन्होंने असली सोना रखा था, वह नकली कैसे हुआ, अब बैंक प्रबंधन ने उन्हीं के खिलाफ दर्ज कराया नकली सोना रखकर ऋण लेने का मामला



२५ जनवरी को प्रकाशित समाचार

बैंक मैनेजर एपीओ, सेंट्रल ऑडिट टीम करेगी जांच

आईसीआईसीआई बैंक ने सोजत रोड थाने में गोल्ड लोन लेने वाले 12 ग्राहकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया,

पहले सामने आया था 11 किलो सोने के बदले 71 लाख रुपए के लोन देने का मामला, अब बता रहे सवा करोड़ की राशि