पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पेज दो 00 बातों में बीत गया आधा सफरसफाई, बिजली, पानी व सड़कों के हालात जस के तस, पंद्रह करोड़ के टेंडर

पेज दो 00 बातों में बीत गया आधा सफरसफाई, बिजली, पानी व सड़कों के हालात जस के तस, पंद्रह करोड़ के टेंडर होने के बावजूद ठेकेदारो ने नहीं शुरू किया काम, विधायक ने ली थी विभागवार समीक्षा बैठक६०...

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सरकार के तीस दिन बीते, नहीं बदले हालात
भास्कर न्यूज - मदनगंज किशनगढ़
प्रदेश में भाजपा सरकार की साठ दिवसीय कार्ययोजना के तीस दिन निकल गए मगर शहर में हालात में सुधार होता नजर नहीं आया। स्वच्छ शहर अभियान वीडियोग्राफी कर कचरे व खामियों को चिह्नित करने से आगे नहीं बढ़ पाया।
शहरवासियों को पेयजल अब भी दो से पांच दिन के अंतराल में मिल रहा है। लाइनों के रखरखाव के नाम बिजली की मनमानी कटौती से भी नागरिकों को निजात नहीं मिल पाई है।
सफाई के लिए कर्मियों
का टोटा
शहर की सफाई व्यवस्था बस नाम की प्रतिदिन हो रही है। जिन वार्डो में नियमित कर्मचारी कार्य कर रहे हंै उन वार्डो में तो सफाई हो जाती है मगर जहां पर ठेकेदार के कर्मचारी लगे हुए है वहां बस नाम मात्र की सफाई होती है। सांवतसर महावीर कॉलोनी, गांधीनगर नाले के पास, सिराणा रोड पर, रामनेर रोड ढाणी के पास, बजरंग कॉलोनी कुएं के पास, कृष्णापुरी पावरहाउस की गली, हाउसिंग बोर्ड मुख्य मार्ग, गुजरियावास, पिनारी चौक , राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल हैंडपंप के पास, मुख्य सब्जी मंडी तथा अन्य स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। केशव नगर, केशव विहार, श्याम नगर, राधासर्वेश्वर कॉलोनी, राजारेड्डी, आजाद नगर, शास्त्री नगर, मिराजी बावड़ी क्षेत्र तथा अन्य जगहों पर पानी निकास की व्यवस्था नहीं होने से जगह जगह पानी भरा हुआ है। सुमेर टाकीज नाला, तिलक टाकीज नाले की सफाई का प्रयास सराहनीय रहा। मालूम हो कि मदनगंज किशनगढ़ नगर परिषद क्षेत्र में १५ वार्डों में राजकीय कर्मचारी व ३० वार्डों में सफाई का कार्य ठेके पर किया जाता है। १९५ राजकीय सफाईकर्मी तथा ३०० ठेके पर सफाई कर्मी सफाई का कार्य कर रहे हैं। १६१ पदों की भर्ती प्रक्रिया पर स्टे लगा हुआ है। जबकि करीब ७४५ सफाई कर्मियों की आवश्यकता परिषद को है।




शहर की वर्तमान सफाई व्यवस्था

१९५ राजकीय सफाईकर्मी

३०० सफाईकर्मी ठेके पर

७४५ सफाईकर्मियों की जरूरत

१६१ पदों की भर्ती पर स्टे



विधायक की प्राथमिकताएं

राज्य सरकार ने आगामी साठ दिनों में किए जाने वाले कार्यों के लिए कार्य योजना तैयार की है। इसके लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से विधायक से प्राथमिकता के आधार पर तीन कार्य बताने को कहा है। जिनको साठ दिन के अंदर पूरा किया जाएगा। विधायक भागीरथ चौधरी ने क्षेत्र के विकास यात्रा का पहला तोहफा अरांई क्षेत्र को दिया। आगामी साठ दिन में कराए जाने वाले तीन कार्यो की सूची में विधायक चौधरी ने अरांई में राजकीय कॉलेज, डींडवाड़ा व भगवंतपुरा में पशु चिकित्सालय व शहरी क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति की बेहतरी पर ३ करोड़ ७७ लाख २६ हजार रुपए खर्च करने का प्रस्ताव भेजा है। विधायक भागीरथ चौधरी का कहना है कि इन तीनों पर कार्रवाई की जा रही है, प्रस्ताव बनाकर भेज दिए गए हंै।

शहर की सड़कों में सुधार के लिए नववर्ष में सरकार ने टेंडर जारी कर कदम उठाया मगर काम शुरू हो नहीं हो पाया। इस दौरान मावठ की मूसलाधार शहर की सड़कों की हालत और भी बिगाड़ चुकी है। मदनगंज किशनगढ़ की मुख्य लाइफ लाइन को ठीक कराने के लिए १५ करोड़ २५ लाख ८५ हजार रुपए के टेंडर निकाले गए। इसमें खोड़ा गणेश रोड, रेलवे ओवरब्रिज से मकराना चौराहा तक, रामनेर रोड चुंगी चौकी से जयपुर अजमेर हाईवे, लक्ष्मीनारायण मंदिर अजमेर रोड से खोड़ा गणेश रोड तक सड़क का निर्माण कार्य किया जाएगा। इसमें तीन सड़क फोर लेन तथा एक सड़क टू लेन होगी। फोर लेन सड़क रेलवे ओवरब्रिज से मकराना चौराहा तक, रामनेर रोड चुंगी चौकी से जयपुर अजमेर हाइवे तथा लक्ष्मीनारायण मंदिर अजमेर रोड से खोड़ा गणेश रोड बनाई जाएगी तथा टू लेन खोड़ा गणेश रोड को बनाया जाएगा। रेलवे ओवरब्रिज से मकराना चौराहा तक की सड़क सीसी रोड तथा शेष तीनों सड़क डामर रोड बनाई जाएगी। इसके अलावा कई कालोनियो में नगर परिषद द्वारा कार्यो का शुभारंभ किया गया है तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा पैचवर्क किया गया है।

टेंडर के बाद नहीं बढ़ी बात

पानी-बिजली में नहीं

बदले हालात

राज्य सरकार ने दावा किया था कि पानी चौबीस घंटे में एक बार तथा बिजली चौबीस घंटे मिलेगी। जलदाय विभाग दावा कर रहा है कि ४८ से ७२ घंटे में कई क्षेत्रों में जलापूर्ति कर रहें है पर हालात कुछ और कह रहें है। कई कॉलोनियो में आज पांच दिन बाद भी पानी नहीं आया। राजहंस कॉलोनी, इन्द्रा कॉलोनी, मेहनत नगर, अग्रसेन नगर, कृष्णापुरी के कई क्षेत्र मेन बाजार में जलापूर्ति नहीं हुई। ठंड में जलापूर्ति सामान्यत: ९६ घंटे बाद ही हो रहा है। इसी प्रकार बिजली विभाग ने २३ दिन में आठ बार से अधिक बार तीन से पांच घंटे तक की कटौती की है। एक घंटे की कटौती तो प्रतिदिन कर दी जाती है इसके लिए कोई सूचना नहीं दी जाती। मगर आवश्यक रख रखाव के नाम पर मदनगंज किशनगढ़ के लगभग सभी फीडरों पर तेईस दिन के अंदर आवश्यक रख रखाव के नाम पर कटौती की गई है।