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अतिक्रमण के विरोध में स्कूल पर ताला

8 वर्ष पहले
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मदनगंज-किशनगढ़। ग्राम बरना स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान के लिए आवंटित भूमि से अतिक्रमियों का कब्जा हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच गोविंदसिंह डोबर के नेत्तृत्व में स्टाफ को बाहर निकालकर स्कूल पर ताला जड़ दिया। उसके बाद बसों में भरकर ग्रामीण उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे और एसडीएम को ज्ञापन देकर बीस साल से हो रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग की। एसडीएम प्रभातीलाल जाट ने पटवारी को बरना भेजकर खेल मैदान का सीमाज्ञान कराया और 28 जनवरी को अतिक्रमण हटाए जाने का आश्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि ग्रामीणों ने विधायक भागीरथ चौधरी, संभागीय आयुक्त व जिला कलेक्टर को भी ज्ञापन देकर अतिक्रमण हटाने की मांग की थी।

शुक्रवार सुबह ११ बजे ग्राम पंचायत के सदस्य तथा अन्य ग्रामीण राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल पहुंचे और संस्था प्रधान रामेश्वर मालाकार से स्कूल के खेल मैदान से अतिक्रमण हटाने पर की गई कार्रवाई का विवरण मांगा। संस्था प्रधान जवाब नहीं दे पाए तो ग्रामीणों ने संस्था प्रधान सहित सभी अध्यापक अध्यापिकाओं तथा विद्यार्थियों को स्कूल से बाहर निकाल दिया और स्कूल पर ताला जड़ दिया। करीब एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन के बाद बसों व जीपों में भरकर ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे। सरपंच के नेत्तृत्व में ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी प्रभातीलाल जाट को ज्ञापन देकर बरना की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के स्कूल मैदान से अतिक्रमण हटाने की मांग की। ज्ञापन में स्कूल के खेल मैदान से प्रभावशाली व्यक्तियों का अतिक्रमण हटाने की मांग की।

एसडीएम ने कार्रवाई करते हुए गिरदावर रमेश शर्मा व पटवारी महेश शर्मा को सीमाज्ञान के लिए बरना भेजा। उसके बाद एसडीएम ने ग्रामीणों को बताया कि 28 जनवरी को सुबह 11 बजे खेल मैदान को अतिक्रमण से आजाद करा दिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में सरपंच के अलावा वार्ड पंच वार्ड छह फूलचन्द, सांवरलाल गैना, रतनलाल धोबी, राजेश शर्मा, हीरा गुर्जर तथा ग्रामीण रामेश्वर, राजेश, गोपी गुर्जर, कमला, रामचंद, निरंजन सिंह, हनुमान सिंह आदि शामिल थे।

संस्था प्रधान को फटकार

उपखंड अधिकारी जाट ने जब स्कूल खेल मैदान पर अतिक्रमण की जानकारी व स्कूल प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई का व्यौरा मांगा तो संस्था प्रधान ने असमर्थता जताई इस पर एसडीएम जाट ने संस्थाप्रधान को डांट लगाई और कहा कि उन्हें पंचायत के लोगों को विश्वास में लेकर यह कार्रवाई करनी चाहिए थी।

सरपंच गोविंद सिंह डोबर व संस्थाप्रधान रामेश्वर मालाकार ने उपखंड अधिकारी जाट को बताया कि खसरा संख्या ४८६ स्थित ९ बीघा भूमि व खसरा संख्या ४८९ में ५ बीघा भूमि स्कूल के मैदान के लिए आवंटित है। लेकिन १४ बीघा भूमि पर लोगों ने कांटे व बाड़ लगाकर अतिक्रमण कर रखा है। अतिक्रमण के कारण ग्राम में रोष व्याप्त है। मैदान से अतिक्रमण हटाने के लिए 14 अगस्त, 2012 को ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित किया गया था।

उसके बाद ग्रामीणों ने ग्रामीणों ने गत 15 जनवरी को विधायक भागीरथ चौधरी को बरना पहुंचने पर तथा 20 जनवरी को अजमेर में संभागीय आयुक्त व जिला कलेक्टर को भी ज्ञापन देकर अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। इससे पूर्व वर्ष 2013 में प्रशासन गांवों के संग अभियान शिविर में भी इस अतिक्रमण को हटाने की मांग की गई थी। यहां गौरतलब है कि बरना में ही गत 13 जनवरी को दुग्ध सहकारी समिति सचिव की शिकायत पर गांव में तहसीलदार ने सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटवाया था। जिसका अगले दिन सरपंच गोविंद सिंह डोबर ने उनकी तथा ग्रामसेवक की गैरमाजूदगी में हुई कार्रवाई का विरोध किया था।