भक्तिमार्ग में पतन नहीं होता
मदनगंज किशनगढ़ - सिटी रोड स्थित सुमेर क्लब भागवत ज्ञान कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ किया गया। कथावाचक विजया उर्मिलिया ने कहा कि कथा लक्ष्य सेवा करना होता है। जब लक्ष्य पवित्र हो और कार्य का उद्देश्य सेवा हो तो भगवत कृपा अवश्य होती है। भगवत जी वचन है कि भक्तिमार्ग में व्यक्ति का पतन नहीं होता। दीदीश्री ने कहा कि कभी भी धर्म को हार जीत व सफलता व असफलता से नहीं जोडा़ जाए। यह सबसे बड़ा अर्धम है। धर्म हमें विषमता में सम रहना सिखाता है यह हमें जोडऩा सिखाता है। यह सब जानते हुए भी मानव मन में ज्ञान को स्वीकार की प्रवृत्ति नहीं होने के कारण दुख मिलता है। कथा तो मानव मन में संस्कारों का उदय करती है। कथा संस्कारशाला है। अभ्यास से चिंतन, चिंतन से चरित्र व चरित्र से आचरण आता है जो निरंतर कथा श्रवण से प्राप्त होता है। कथावाचिका ने गो सेवा का आह्वान करते हुए कहा कि हमें इसके लिए सदा एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। जहां जल संवर्घन हो, गोमूत्र गोदुग्ध पर अनुसंधान हो और वृहद रूप में औषधि निर्माण हो वह क्षेत्र सदा खुशहाल रहता है और यह कार्य सेवा का है। कथा के बीच बीच में दीदीश्री ने जब भजनो की प्रस्तुति दी तो भक्तगण नृत्य करने लगे। इससे पूर्व मुख्य यजमान भंवरलाल मेघवाल व पुरूषोत्तम कामदार ने व्यासपीठ का माल्यार्पण किया। कथा का श्रवण आरके मार्बल समूह के चेयरमेन अशोक पाटनी, अखिल भारतीय सहसेवा प्रमुख गुणवंत सिंह कोठारी, राजस्थान क्षेत्रीय कार्यकारणी सदस्य नंदलाल व क्षेत्रीय सेवा भावना प्रमुख मूलचन्द सोनी ने भी व्यासपीठ की पूजा अर्चना की। इस दौरान समिति के मुकेश अग्रवाल, रामप्रसाद शर्मा, गिरधर पुरोहित, अंबरीष पारीक तथा अन्य जन मौजूद थे।
कलश यात्रा में उमड़ी महिलाएं
श्रीमदभागवत कथा का शुभारंभ गणतंत्र दिवस पर किया गया। इस दौरान अजमेर रोड स्थित राधासर्वेश्वर मंदिर से कलश शोभायात्रा निकाली गई जो शहर के विभिन्न मार्गो से होती हुई कथा स्थल तक गई। कलश शोभायात्रा में तीन हजार से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। शोभायात्रा में आगे आगे घोड़े पर सवार होकर धर्मरक्षक धर्म पताका लिए चल रहे थे। इसके पीछे बैंड की मधुर धून पर महिलांए मंगल कलश लिए चल रही थी। कलश शोभायात्रा शाही अंदाज में निकाली गई। कलश यात्रा पर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा की। शोभायात्रा को देखने के लिए शहरवासी उमड़े। शोभायात्रा में महिलाएं नाचते गाते चल रही थी।
फोटो कैप्शन
३०=श्रीमद भागवत शोभायात्रा में उमड़ी महिलाएं
३१=श्रीमद भागवत शोभायात्रा में उमड़ी महिलाएं