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कुल लक्ष्य में से 50 प्रतिशत महिला पालकों का चयन करना होगा अनिवार्य, बीपीएल, विधवा महिला व दलित बकरी पालकों को मिलेगी प्राथमिकता

8 वर्ष पहले
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बूंदी - राज्य सरकार अब बकरी पालन पर 90 प्रतिशत सब्सिडी देगी। सरकार पहले चरण में प्रदेश के 730 बकरी पालकों को इस सब्सिडी से लाभान्वित करेगी। इसमें भी 50 प्रतिशत सब्सिडी महिला बकरी पालकों के लिए अनिवार्य की है। प्रति बकरी पालक को दस बकरी व एक बकरा दिलाया जाएगा। इस योजना में सरकार के साढ़े चार करोड़ रुपए से अधिक खर्च होंगे। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की उपयोजना नेशनल मिशन फॉर प्रोटीन सप्लीमेंट के अंतर्गत बकरी विकास योजना शुरू की है। इसमें सरकार दस बकरी व एक बकरा खरीदने पर बकरी पालक को 90 प्रतिशत सब्सिडी देगी।
पशुपालन मंत्री प्रभुलाल सैनी ने बताया कि गरीब बकरी पालकों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सरकार ने पहली बार बकरी पालन पर 90 प्रतिशत सब्सिडी देने की योजना शुरू की है। सरकार ने इन पशुओं की पूरी लागत 68 हजार 800 रुपए मानी है। इसमें 60 हजार की दस बकरियां व आठ हजार का बकरा माना है। इसमें छह हजार 800 रुपए लाभार्थी को मिलाने होंगे। शेष 90 प्रतिशत राशि सरकार देगी। इस पर सरकार के चार करोड़ 52 लाख रुपए से अधिक खर्च होंगे। इसके पीछे सरकार की मंशा पशुपालकों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति मजबूत करना व शहरी क्षेत्र बकरी पालकों का पलायन रोकना है।




प्रदेश के ७३० पालकों को बकरी पालन पर मिलेगी 90 प्रतिशत सब्सिडी

पशुपालकों का आर्थिक व सामाजिक पक्ष मजबूत करने के लिए उठाया कदम, जिले के भी 20 पालक होंगे लाभान्वित

34 अधिकारियों को दिए लक्ष्य

सरकार ने प्रदेश में पशुपालन विभाग के 33 संयुक्त निदेशकों के अलावा एक अन्य उपनिदेशक कार्यालय कुचामनसिटी को इस योजना से लाभान्वित

करने के आदेश गत दिनों दिए हैं। इसकी पालना में बंूदी संयुक्त निदेशक डॉ. रामानंद रावत ने कार्रवाई शुरू कर दी है। योजना में ग्रामीण क्षेत्र की बीपीएल परिवार व विधवा महिला, दलितों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनका चयन संयुक्त निदेशक की अध्यक्षता में बनी कमेटी करेगी।