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परीक्षा लेने आए प्रिंसिपल ने ली घूस, कोटा एसीबी टीम ने किया गिरफ्तार
भास्कर न्यूज - कोटा
एसीबी ((भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो)) की टीम ने ब्यावर, अजमेर के सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को घूस लेने को आरोप में गिरफ्तार किया है। उनके पास से 64 हजार 500 रुपए भी बरामद हुए हैं। वह इटावा के तीन स्कूलों में 12 वीं फिजिक्स की प्रैक्टिकल परीक्षा लेने आए थे। आरोप है कि प्रिंसिपल ने परीक्षार्थियों को अच्छे नंबर देने की एवज में घूस ली है। घूस के पैसे एसीबी को अलग-अलग जगह से मिले हैं। प्रिंसिपल के पास से एक लिफाफे में 25 हजार व स्कूल के नाम की पर्ची तथा दूसरे लिफाफे में 30 हजार रुपए व दूसरे स्कूल के सभी विद्यार्थियों की सूची मिली है।
एएसपी देवेंद्र शर्मा ने बताया कि सूचना मिली कि ब्यावर राजकीय पटेल उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल रामदेव चौधरी इटावा में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की तरफ से 12वीं कक्षा के फिजिक्स प्रेक्टिकल की परीक्षा लेने गए थे। वहां से वे मोटी रकम लेकर आ रहे हैं। इस पर टीम ने बोरखेड़ा थाने के पास नाकाबंदी कर उन्हें रोका। वे इटावा के स्वामी विवेकानंद शिक्षा निकेतन के मालिक मोहन पारेता की कार में सवार थे। पुलिस ने बताया कि एसीबी ने जब चौधरी को पकड़ा तो उनके पास स्कूल के लेटरहैड पर कुछ अकाउंट नंबर लिखे हुए थे। एसीबी ने जब कागज लेना चाहा तो उन्होंने कागज फाड़ दिया। एसीबी ने कागज को जोड़कर देखा तो उसमें रिश्तेदारों के अलग-अलग बैंक के अकाउंट नंबर थे।
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उनकी तलाशी ली तो पैंट की जेब में 9500 रुपए, सूटकेस में दो लिफाफे एक में 25 हजार और माधव बाल विद्या निकेतन की पर्ची थी। दूसरे लिफाफे में 30 हजार और स्वामी विवेकानंद शिक्षा निकेतन के 38 विद्यार्थियों की सूची थी। इसके अलावा परीक्षा कॉपी, एक कागज जिसमें 6 लोगों के बैंक अकाउंट नंबर थे। एसीबी ने उनसे पूछताछ की तो वे संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाए। प्राथमिक जांच में यह पाया कि यह राशि निजी विद्यालय के संचालकों ने विद्यार्थियों को अच्छे नंबर देने के एवज में दिए हैं। इसके बाद चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसकी सूचना अजमेर एसीबी को भी कर दी गई है। रामदेव चौधरी इटावा में 26 से 29 तक थे और उन्हें उक्त निजी स्कूलों के अलावा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के परीक्षार्थियों के प्रेक्टिकल लेने थे।
सीधी बात में बोले
पूरा तंत्र बिगड़ा हुआ है। मैं तो केवल मोहरा बनाया गया हूं। मैं मानता हूं कि मुझसे गलती हुई है। हर व्यक्ति यह सब करने में लगा हुआ है। जो पकड़ा गया, वह चोर है। मेरे पकड़े जाने से अगर सिस्टम में 10 फीसदी भी सुधार होता है तो बच्चों का भविष्य सुधरेगा। मैं अभी कुछ नहीं बता सकता कि क्या-क्या गड़बड़ होती है।
मैं पकड़ा गया तो चोर- चौधरी
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परीक्षा लेने गए और तीन दिन मेहमान नवाजी का लुत्फ उठाते रहे
प्रिंसीपल चौधरी एक्सटर्नल बनकर परीक्षा लेने इटावा पहुंचे ही नहीं कि वहां से संचालकों से फोन पर संपर्क कर लिया। उसके बाद सीधे पहुंच गए माधव शिक्षा निकेतन वाले के पास। वहां एक दिन मेहमान बनकर रहे। एक और स्कूल स्वामी विवेकानंद शिक्षा निकेतन वाले ने मनुहार की तो वे उनके घर भी दो दिन मेहमान नवाजी का लुत्फ उठाते रहे। चौधरी ने ‘भास्कर’ को बताया वे यह जानते थे कि यह सब गलत है। फिर भी वहां रुके। उन्होंने सफाई दी कि यह सब मजबूरी के कारण करना पड़ता है। इटावा में कहीं रुकने की जगह नहीं थी और प्रशासन कुछ करता नहीं है। उनका कहना है कि सुबह शाम चाय-नाश्ता और सामान्य खाना ही खाया।
एसीबी की गिरफ्त में शिक्षक और कार्रवाई के दौरान उनसे बरामद की गई राशि।