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आरएपीपी ने बनाई 3 हजार 128 करोड़ रुपयों की बिजली
रावतभाटा। राजस्थान परमाणु बिजलीघर ने साल 2013 में 930 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन किया है। यही नहीं 3 हजार 128 करोड़ से अधिक की बिजली का उत्पादन किया है। यह जानकारी राजस्थान परमाणु बिजलीघर के साइट डायरेक्टर एसके शर्मा ने गणतंत्र दिवस समारोह में दी। शर्मा ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि इतने उत्पादन के बाद भी हमने संरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया है। यही कारण है कि बिजली उत्पादन और संरक्षा के लिए हमें कई पुरस्कार मिले है। अपनी पूर्ण क्षमता के 97.45 प्रतिशत पर उत्पादन किया है।
मिलेगा बिजली मंत्रालय का पुरस्कार
केंद्र सरकार के विद्युत मंत्रालय की ओर से राजस्थान परमाणु बिजलीघर को बिजली उत्पादन के कार्य में उत्तम कार्य करने के लिए सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट से 4 फरवरी को दिल्ली में नवाजा जाएगा। यह पुरस्कार केंद्रीय ऊर्जा मंत्री समारोह में प्रदान करेंगे। शर्मा ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में परमाणु बिजलीघर की सभी उत्पादन इकाइयों को उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए एनपीसीआईएल के विशेष पुरस्कार से नवाजा गया है। इसके अलावा इकाई 2 ने वर्ष 2012 में श्रेष्ठ संरक्षा के लिए राष्ट्रीय संरक्षा परिषद की सिल्वर ट्राफी प्राप्त की है। तथा राजस्थान ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार भी प्राप्त किया। आरआर साइट ने राजभाषा नीति में 2012-13 के लिए सीएमडी राजभाषा शील्ड एवं नगर राजभाषा शील्ड भी प्राप्त की है।
8 नई इकाइयों पर चल रहा कार्य
स्थल निदेशक ने कहा कि एनपीसीआईएल और परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार की ओर से कार्य योजना बनाकर ऊर्जा उत्पादन के लिए कार्य किया जा रहा है। 5700 मेगावाट क्षमता वृद्धि के लिए 8 नई इकाइयों की स्थापना पर कार्य चल रहा है। 700-700 मेगावाट की दो नई इकाइयों की स्थापना का शिलान्यास हिसार में प्रधानमंत्री ने किया है। हम 1 हजार मेगावाट क्षमता की इकाइयों के निर्माण में प्रवेश कर गए है।