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सच्चा मित्र वही, जो विपत्ति में भी साथ दे
रावतभाटा और इटावा में कथा का आयोजन, उमड़े श्रद्धालु
रावतभाटा। जोगणियां माता मंदिर कोटा बैरियर पर चल रही श्रीमद भागवत सप्ताह भक्ति ज्ञान यज्ञ कथा में बुधवार को सुदामा चरित्र, शुकदेव पूजन की कथा सुनाई गई। कथा वाचक कृष्णकांत महाराज ने कहा कि सच्चा मित्र वही है जो विपत्ति में भी साथ दे। सच्चा मित्र वहीं है जो अपने मित्र को दुखी देखकर उसकी मदद कर दे यही सच्ची मित्रता की पहचान है। शास्त्रों में कहा गया है दुष्ट स्त्री, स्वार्थी मित्र, उत्तर देने वाला नौकर और सर्प का निवास इन चारों में से एक भी अगर हमारे जीवन के निकट हो तो कभी भी मृत्यु हो सकती है। सच्ची मित्रता श्रीकृष्ण ने सुदामा के साथ प्रस्तुत की। भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर नृत्य करते रहे। आरती कर प्रसाद वितरण किया गया।
इटावा में चल रही रामकथा में झुमे श्रद्धालु: इटावा. कृषि उपजमंडी प्रांगण इटावा में चल रही श्रीरामकथा के दौरान बुधवार को जन्मे अवध में राम बधाई बाज रही भजन के साथ भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया इस अवसर पर भगवान श्रीराम की बालरूप की झांकी सजाकर ढ़ोल ताशों के साथ बधाईयां गाई गई व भव्य आतिशबाजी कर मिठाईयंा बांटी गई इस दौरान श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर नृत्य किया व बधाईयां बांटी। इस अवसर पर रामकथा का वाचन करते हुये संत रामजी बाबा कोकिल ने कहा कि जब जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है तब तब ईश्वर को नारायण से नर रूप धारण कर अवतार लेना पड़ता है और अवतार के दौरान वे पृथ्वी के पाप का भार उतारते है। भगवान श्रीराम ने राक्षसों के विनाश के लिए पृथ्वी पर जन्म लिया व जीवन भर अपने माता पिता की आज्ञा का पालन किया। बाबा कोकिल ने कहा कि आज के युग में सिनेमा व टीवी.चैनलों के अश£ील व समाज का पतन करने वाले कार्यक्रमों के चलते बच्चों का स्वभाव ऐसा बना दिया कि वे अपने मां-बाप का कहना नहीं मानते है, बल्कि उल्टा चलते हैं जिससे हमारी नई पीढ़ी का सांस्कृतिक पतन की और बढ़ रही हैं। यह वह धरा है जहां पर भगवान राम ने अपने पिता के कहने पर १४ वर्ष का वनवास भोगा था लेकिन आज माता-पिता की बात मानना तो दूर अपितु उनके साथ मारपीट करके घर से निकाल रहे हैं। कथा में संगीतज्ञ विक्रम भैया द्वारा गाए भजन मेरे सिर पर रख दो गुरुवर अपने दोनों हाथ देना हो तो दिजिए जन्म जन्म का साथ भजन की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा से पूर्व ललित नंदवाना, राकेश नंदवाना, नरेन्द्र नंदवाना ने रामकथा का पूजन अर्चन किया। क्षेत्र के बिसलाई गांव में भैरु मंदिर पर चल रही भागवत कथा का वाचन करते हुए बुधवार को आचार्य सूर्यकांत शास्त्री ने भागवत कथा को कल्पवृक्ष के समान बताते हुए कहा कि भागवत कथा मोक्ष प्रदायिनी है जिसके श्रवण मात्र से मनुष्य जन्म मृत्यु के बंधनों से मुक्त होकर परम धाम की प्राप्ति कर लेता है। गौ माता की सेवा करनी चाहिए तथा सबसे पहले की रोटी गौ माता को देनी चाहिए ताकि अपने पुण्यों के फल से मोक्ष की प्राप्ति हो सकें।