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होमवर्क, कक्षा कार्य की रिपोर्टिंग देखेंगे शिक्षा सचिव
नगर संवाददाता - प्रतापगढ़
सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। इसके लिए प्रतिदिन होमवर्क, कक्षा कार्य सहित अन्य की रिपोर्टिंग शिक्षा सचिव को पेश की जाएगी। प्रतापगढ़ में शिक्षा विभाग ने कार्य योजना तैयार करने के साथ ही अब प्रतिदिन रिपोर्टिंग भेजने का कार्य भी शुरू कर दिया है।
शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने संबलन अभियान के पहले चरण व रीडिंग कैंपेन के रिजल्ट पर भी कड़ी नाराजगी जताई थी। जिले में सी ग्रेड वाले बच्चों की संख्या भी अधिक है। सी ग्रेड वाले बच्चों पर अलग से मेहनत कर ए ग्रेड में लाने के सख्ती से निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर अब प्रतापगढ़ में शिक्षा विभाग ने भी कार्य योजना तैयार कर ली है। अब प्रत्येक बच्चे का होमवर्क और क्लास वर्क चैक करना संबंधित शिक्षक की जिम्मेदारी होगी। संस्था प्रधान भी प्रतिदिन पांच शिक्षकों के होमवर्क और क्लास वर्क को चैक करेंगे। इसकी पूरी रिपोर्ट प्रतिदिन शिक्षा विभाग में आएगी। यहां से यह रिपोर्ट शिक्षा निदेशक तक जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जा चुका है जिसके प्रभारी विनोद गुप्ता व रसूल मोहम्मद को बनाया गया है।
स्कूल बैग में पासबुक मिली तो शिक्षक को मिलेगा नोटिस
प्रमुख सचिव ने शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि बच्चों को पासबुकों से काम न कर स्वयं करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए अधिकारी शिक्षकों की बैठक लें। उसमें शिक्षकों को बच्चों की नियमित क्लास लेने के लिए पाबंद किया जाए। यदि निरीक्षण में किसी बच्चे के बस्ते में पास बुक मिली है, तो संबंधित विषय के शिक्षक को नोटिस जारी किया जाएगा। शिक्षक कॉपी तो चैक करते हैं, लेकिन उसमें गलतियां ही नहीं निकालते। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि शिक्षकों को कॉपी चैक करते वक्त हस्ताक्षर करने, दिनांक डालने, गलतियों पर गोले करने के लिए अधिकारी को पाबंद करें। स्कूलों में संस्था प्रधान भी कॉपियां जांचते रहें।
शिक्षण व्यवस्था में सुधार की कवायद
सर्व शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। अब प्राइमरी स्कूल में शिक्षक एक ही विषय पढाएंगे। एक शिक्षक यदि कक्षा 1 व 2 में हिंदी विषय को पढ़ा रहा है, तो आगे की कक्षा में भी वही शिक्षक हिंदी पढ़ाएगा, ताकि उस छात्र के बारे में पूर्ण ज्ञान के आधार पर शिक्षण में सहायता मिल सके। एसएसए ने सभी संस्था प्रधानों को निर्देश देकर कमजोर बच्चों पर ध्यान देने के साथ शिक्षकों की मॉनिटरिंग करने को कहा है।
: एक कमरे में यदि दो कक्षा के बच्चे हैं तो वे अलग-अलग लाइन में बैठेंगे।
: ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों व संदर्भ व्यक्तियों की ओर से स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा।
: होमवर्क व क्लास वर्क का अनिवार्य निरीक्षण किया जाएगा। गलतियां निकाल कर संशोधन कार्य कराया जाएगा।
: कक्षा में उपलब्ध टीएलएम सामग्री का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
: दूरस्थ स्कूल एवं ऐसे स्कूल जिनका निरीक्षण अक्सर कम होता है, उनका निरीक्षण प्राथमिकता से किया जाएगा।
: प्रधानाध्यापक कक्षावली अनिवार्य रूप से करेंगे, होमवर्क की पाक्षिक जांच करेंगे।
: लाइब्रेरी में उपलब्ध किताबों, विज्ञान व गणित किट का शिक्षण के दौरान अधिकतम उपयोग किया जाएगा।
: कमजोर छात्र,छात्रा को चिन्हित कर उपचारात्मक शिक्षण कार्य कराया जाएगा।
: गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषय के लिए अतिरिक्त कक्षा लगाकर शिक्षण कराया जाएगा।
: स्कूल में गुणवता शिक्षा के लिए अलग से रजिस्टर, पत्रावली संधारित की जाएगी।
: कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों को नोटिस देकर कार्य में सुधार के लिए साप्ताहिक निरीक्षण किया जाएगा।
: स्कूल में निरीक्षण के लिए अलग से विजिट बुक संधारित की जाएगी तथा निरीक्षण करने वाले अधिकारी उस पर टिप्पणी अंकित करेंगे।
॥ स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके, इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। प्रमुख शासन सचिव शिक्षा के निर्देशों के तहत कार्ययोजना बना ली गई है। शिक्षा विभाग द्वारा इसके लिए कंट्रोल रुम बना कर कार्य भी शुरू कर दिया गया है। एक जनवरी से अब तक शिक्षण कार्य में कमियों वाले करीब एक दर्जन शिक्षकों व कार्मिकों को नोटिस भी थमाए जा चुके है।
एमएल चंदेल, जिला शिक्षा अधिकारी ((प्रारंभिक)) प्रतापगढ़
विभाग की ओर से ये प्रयास भी किए जाएंगे
प्रमुख सचिव ने संबलन अभियान के पहले चरण में 25 फीसदी बच्चे सी ग्रेड के मिलने पर जताई थी नाराजगी