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अच्छा फैसला : उपखंड स्तरीय खनन समिति का निर्णय, मशीनों से रेत निकाली तो कार्रवाई
भास्कर न्यूज. नाथद्वारा/खमनोर जिले की बनास नदी में अब जेसीबी मशीनें लगाकर रेती का दोहन नहीं किया जा सकेगा। ठेकेदार श्रमिकों के माध्यम से रेत निकाल सकेंगे। उपखंड स्तरीय खनन समिति की बैठक में शनिवार को यह निर्णय हुआ। इसके बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने नदी पेटे में जेसीबी मशीनों से रेती का दोहन रुकवा दिया। पेटे में विभिन्न जगहों से 20 जेसीबी मशीन संचालकों को नदी से बाहर निकालकर दोबारा मशीनों से रेत नहीं निकालने की हिदायत दी है। उल्लंघन करने वालों से जुर्माना वसूलने के साथ ही कानूनी कार्रवाई होगी। आदेश नदी की 18 किमी परिधि क्षेत्र में लागू होगा।
शनिवार को उपखंड स्तरीय खनन समिति की बैठक हुई। इसमें बनास नदी पेटे से अंधाधुंध रेती के दोहन से नदी का अस्तित्व पर खतरा बताया। समिति सदस्यों ने नदी में 18 किमी क्षेत्र में जेसीबी अथवा अन्य मशीनों से बजरी का दोहन करने पर पाबंदी का निर्णय लिया गया। समिति की बैठक के बाद उपखंडअधिकारी जितेंद्र ओझा, पुलिस उपाधीक्षक सिद्धांत शर्मा, नाथद्वारा शिवकुमार भारद्वाज, खमनोर थानाधिकारी रमेश कविया, खनिज अभियंता द्वितीय ((राजसमंद)) सतीश आर्य की टीम ने गुंजोल, कोटेला, सरसुनिया, टांटोल व खमनोर क्षेत्र में बनास नदी पेटे का निरीक्षण किया। इस दौरान नदी पेटे में रेती का दोहन करते मिली 20 जेसीबी मशीनों को नदी से बाहर करवा दिया। मशीन ऑपरेटर व मालिकों को दोबारा मशीनों से रेत का दोहन नहीं करने की हिदायत के साथ ऐसा करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
श्रमिक हाथ से निकाल सकेंगे रेत
उपखंड अधिकारी ने बताया कि खनन समिति के निर्णयानुसार नदी पेट से श्रमिकों के स्तर पर रेत निकालने की छुट रहेगी। श्रमिक नदी पेटे से हाथों से रेत निकालकर ट्रैक्टर, ट्रक व डंपर में भर सकेंगे। रेत की खुदाई मशीनों से करने पर मशीन जब्त करने के साथ ही जुर्माना वसूलने व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की टीम ने नदी पेटे में रेत दोहन में लगी 20 जेसीबी मशीनों को बाहर निकाला
यह होगा फायदा
अंधाधुंध दोहन करने से बनास नदी में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इनमें घास चरने वाले कई मवेशी गिर रहे हैं। इसके साथ ही बनास की हद में आने वाले सैकड़ों कुओं का जलस्तर घट रहा है। श्रमिकों के माध्यम से रेत की खुदाई होने से लोगों को रोजगार मिलेगा।
इनकी समिति ने लिया निर्णय : उपखण्ड स्तरीय खनन समिति में शामिल उपखंडअधिकारी जितेन्द्र ओझा ,तहसीलदार हरिशंकर जोशी, पुलिस उपाधीक्षक सिद्धांत शर्मा, खनिज अभियंता सतीश आर्य ने नदी पेटे से मशीनों से रेत का दोहन रुकवाने का निर्णय लिया।