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35 दिन पत्नी बनकर रही फिर गहने ले भागी महिला

8 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता. राजसमंद
पहचान छिपाकर नाता विवाह करने वाली महिला शादी के 35 दिन बाद ही गहने लेकर फरार हो गई। पीडि़त की रिपोर्ट पर कुंवारिया पुलिस ने नाता विवाह कराने वाले दो जनों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। मामले में नाता विवाह करनी वाली महिला सहित एक अन्य महिला फरार चल रही है।
एएसआई संग्रामसिंह ने बताया कि नरपत खेड़ी जिला चितौडग़ढ़ निवासी ओमप्रकाश पुत्र रतनलाल सालवी तथा धनेरियागढ़ निवासी मनोहरलाल पुत्र मानाराम रेगर को गिरफ्तार किया है। उन्हें रविवार को न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाएगा। एएसआई ने बताया कि जोधपुरिया निवासी दिनेश पुत्र भंवरलाल रेगर के इस्तगासे के जरिए थाने में मामला दर्ज हुआ था। आरोप है कि उसकी पत्नी से तलाक हो गया था।
मनोहरलाल ने सूरजपुरा चितौड़ निवासी कोमल से मिलवाया था। कोमल ने बेगू निवासी सीमा उर्फ सुमन पुत्री राधेश्याम रेगर से शादी कराने की बात कही। इसको लेकर सुमन के भाई प्रकाश से बातचीत की। राजसमंद कोर्ट में सुमन व प्रकाश ने एग्रीमेंट भी किया। उसने प्रकाश को झगड़े की राशि 50 हजार रुपए भी दी। इसके बाद सुमन करीब 35 दिन तक पीडि़त के साथ पत्नी बनकर रही। इसके बाद चांदी की पायजेब लेकर फरार हो गई। एएसआई ने बताया कि जांच में सुमन व प्रकाश का नाम व जाति फर्जी निकली।
सुमन का असली नाम माताजी की पांडोली निवासी सुखी पत्नी गोपाल नायक तथा प्रकाश का असली नाम नरपत खेड़ी जिला चितौड़ ओमप्रकाश पुत्र रतनलाल सालवी होना साबित हुआ। मामले में कोमल व सुखी फरार चल रही है। बताया गया कि सुखी पहले से ही माताजी की पांडोली निवास गोपाल नायक के साथ शादी कर चुकी है। उसके दो बच्चे भी हैं। बच्चे गोपाल के बड़े भाई के साथ रहते हैं।
ऐसे खुला राज
सुखी ने नाता विवाह करने के बाद मोबाइल सिम बंद कर दी थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने सिम को ट्रेस किया तो सिम गोपाल की निकली। पुलिस माताजी की पांडोली गई तो वहां गोपाल ने सुमन को सुखी बताया। इसके बाद पुलिस को सुखी का पता चला, पुलिस फरार सुखी व दूसरी महिला की गिरफ्तारी करने का प्रयास कर रही है।



नाता विवाह कराने वाले दो जने गिरफ्तार