काव्य निशा का आयोजन
प्रतापगढ़ - नवसृजन साहित्य संस्था की आरे से गणंतत्र दिवस पर नगर परिषद् के लाईब्रेरी हॉल में काव्य निशा का आयोजन किया गया। संस्था अध्यक्ष चांदमल जैन ने बताया कि सुरेन्द्र सुमन ने सरस्वती वंदना कर काव्य निशा का आगाज किया। इसके बाद गफीर सागरी ने गजल सुनाकर मंच को उचाइयां दी। सुधीर वोरा ने ये क्या बला है आरटीआई रचना पढी। राजेन्द्र जोशी ने कसो शिकंजा कमजोरी पर रचना प्रस्तुत कर खुब दाद बटोरी। युवा कवि सुरेश गुर्जर ने थाने मे थानेदार अपनी वर्दी बेचने लगता है, चौराहे पर खड़ा खड़ा वो गांधी रोने लगता है रचना प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। मनोहर वैरागी ने कलम नहीं है, आइटम बम से कम, वागडी हास्य कवि श्याम सोनी ने पोरबंदर रा तीनी बंदर, दुखी रा दुखी, सुनाई, हास्य कवि धनपाल धमाका ने देश की वर्तमान व्यवस्था देखता हूं तो बार-बार खुन खैलता है। मालवी हास्य कवि हरिओम हरपल ने पामणो वणी ने जाणो तो थोडो ढंग ती जाणो सुनाई। इस दौरान कवि भंवरलाल भंवर, जगदीश शर्मा, चान्दमल चन्दु, कैलाश राव, मनीष त्रिवेदी, राजेन्द्र वैष्णव, मोहन अकेला, रेखा वोरा, उबेद सागरी कवियों ने भी कविता पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन मनासा के भैरु सुनार ने किया।