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- पेयजल का सहारा बनी तलाई अब बन गई जानलेवा, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान
पेयजल का सहारा बनी तलाई अब बन गई जानलेवा, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान
सुधीर पुरोहित - नाथद्वारा
शहर के गणेश नगर की बड़ी बाखर की जानलेवा तलाई को पाटने में जिम्मेदारों की लापरवाही पर शहरवासियों में रोष है। मोहल्लावासियों का कहना है कि शीघ्र ही इसे नहीं मूंदवाया गया तो आंदोलन किया जाएगा। बरसों पहले बनी इस जानलेवा तलाई का अब कोई उपयोग ही नहीं रहा है, इसके बावजूद पालिका प्रशासन इसे बंद करने की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। गणेश टेकरी क्षेत्र में पहाड़ी पर इस तलाई का निर्माण बरसों पहले प्रदेश में अकाल की विभीषिका के दौरान करवाया गया था। लोगों का कहना है कि अकाल तो खत्म हो गया, लेकिन बरसों पहले खुदवाया यह गड्ढा अब लोगों की अकाल जिंदगियां लील रहा है। मोहल्लावासियों का कहना है कि गड्ढे के आस-पास अनहोनी टालने के लिए कोई बंदोबस्त नहीं है। अब तक कई मासूम, किशोर डूब गए हैं, बावजूद प्रशासन ने इसे मूंदवाने के प्रयास नहीं किए हैं। बारिश व आसपास के मकानों की नालियों का पानी इसमें साल भर भरा रहता हैं। राजकीय बालिका
उच्च प्राथमिक विद्यालय जाट खिड़की के बच्चे, आसपास के बच्चों के लिए यह तलाई जानलेवा बनी हुई है। 25 जनवरी को तलाई में एक किशोरी डूब गई थी।
अब डालते हैं कचरा और नालियों का पानी
कभी नहाने कपड़े धोने के उपयोग में आने वाले खाड़े का पानी आसपास की नालियों के पानी के कारण स्वयं नाला बन गया। इसमें गंदगी का ढेर लगा हुआ है। लोग यहां कचरा डालने लगे हैं। मोहल्लावासियों का कहना है कि तलाई में अब तक 40 से ज्यादा बच्चों व युवा डूब चुके हैं। इसके पास ही गणेश टेकरी का रमणीक स्थल है, फिर भी प्रशासन लापरवाही बरत रहा है।
नाथद्वारा . गणेशनगर में तलाई, जो हादसे का सबब बन गई है।
नाथद्वारा में गणेशनगर की बड़ी बाखर में खुली तलाई से बढ़ रहे हादसे, नगरवासी बोले- इसे पाट कर बनाया जा सकता है पार्क
बंद हो मौत की तलाई
॥ तलाई पर चारदीवारी बनाकर हादसे रोके जा सकते हैं। उपयोग अन्य कार्यों में लेने के लिए प्रस्ताव लिया था, प्रक्रिया चल रही है। इसे बंद करने के बारे में चर्चा की जाएगी।
-शांतिलाल आमेटा, आयुक्त नगर पालिका नाथद्वारा।
॥इस तलाई में अब तक करीब 40 मासूम व किशोर डूब चुके हैं। पास में स्कूल है, ऐसे में अक्सर बच्चे यहां खेलने के लिए चले जाते हैं। तलाई को बंद कर चारदीवारी बना देनी चाहिए।
-संदीप सनाढ्य, लोधा घाटी नाथद्वारा।
॥प्राथमिकता इस तलाई को पाटना है। इसके बाद उस पर मंदिर, पार्क, पुस्तकालय कोई भी सार्वजनिक जगह बना देनी चाहिए। यह तलाई आस पास के बच्चों के लिए जानलेवा बन चुकी है।
-प्रद्युम्न वैष्णव, बड़ी बाखर नाथद्वारा।
॥तलाई को बंदकर सर्वसम्मति से इस स्थान का उपयोग सार्वजनिक हित के लिए किया जा सकता है। प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो लोगों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
-दरियावसिंह गोरवा, गणेश नगर नाथद्वारा।
॥ आबादी इलाके में होने से तलाई को बंद कर देना ही सही उपाय है। बाद में इसे पर पार्क बनवाया जा सकता है। जिम्मेदारों को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
कोमल लोधा, गणेश नगर नाथद्वारा।
ये बोले, अब बंद करवा देनी चाहिए यह तलाई