‘सफलता के लिए गुरु जरूरी’
नगर संवाददाता - राजसमंद
कांकरोली के तेरापंथ सभा भवन में मंगलवार को जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा व अणुव्रत विश्व भारती राजसमंद के संयुक्त तत्वावधान में दीक्षार्थी प्रिंस बाफना का मंगल भावना समारोह हुआ। समारोह में मुनि जतन कुमार ने कहा कि दीक्षा का अर्थ व्रतों के संग्रह से है। मुनि ने कहा कि प्रिंस ने छोटी उम्र में दीक्षा का जो मार्ग चुना है, वह बहुत ही कठिन मार्ग है। लेकिन जिस भावना के साथ के मार्ग पर चल पड़े हो तो गुरु ही मार्ग को सरल बनाएगा। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर गुरु के सानिध्य में सारी बाधाएं दूर होगी। आचार्य हेमचंद्र ने कहा कि आध्यात्मिक उन्नति के बारे में विचार रखे। मुनि हर्षलाल ने दीक्षा ग्रहण करने के विभिन्न प्रकार बताए है दीक्षा ग्रहण करने सिंह की तरह, सियार की तरह आदि प्रकार बताए हैं। मुनि आनंद कुमार ने कालू ने बताया कि संयम का पथ भोग से त्याग की और बढऩे का और बढऩे का मार्ग है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेवाड़ कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. बसंतीलाल बाबेल ने की। पदमचंद पटावरी, तेरापंथ सभाध्यक्ष नंदलाल बाफना, अणुव्रत विश्व भारती महामंत्री संचय जैन, भिक्षु बोधि स्थल सभाध्यक्ष सुरेश कावडिय़ा, बाबूलाल कोठारी, दीक्षार्थी प्रिंस के दादा मोहनलाल, दादी सोहनी देवी, पिता कांतीलाल, माता निर्मला देवी सहित कई श्रावक उपस्थित थे।
शंखनाद 31 से
राजसमंद - सेठ रंगलाल कोठारी महाविद्यालय में वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम शंखनाद 2014 का आगाज 31 जनवरी को होगा। छात्र संघ अध्यक्ष राकेश सिंदल ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत वार्षिक पारितोषिक का वितरण किया जाएगा। समारोह में विधायक किरण माहेश्वरी, एबीवीपी के प्रदेश संगठन मंत्री मिथिलेश गौतम, उपसभापति अर्जुन मेवाड़ा, देवीलाल सिंदल बतौर अतिथि शिरकत करेंगे।