जनआक्रोश फूटा, खाली होने लगी तलाई
भास्कर न्यूज - नाथद्वारा
शहर की गणेश नगर बस्ती में बड़ी बाखर की तलाई का पानी खाली होना शुरू हो गया है। क्षेत्रवासियों के प्रदर्शन और आक्रोश के बाद दोपहर बाद तलाई की दीवार में सुराख कर पानी निकालना शुरू कर दिया गया। शाम तक तलाई डेढ़ फीट खाली हो चुकी थी। पानी निकलने के बाद प्रशासन ने तलाई को पाटने का काम शुरू करवाने की बात कही है। जानलेवा हो चुकी तलाई को पाटने के लिए दैनिक भास्कर में मुद्दा उठाने पर पहले ही दिन सैकड़ों मोहल्लावासियों के धरना-प्रदर्शन के बीच पालिका व प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आ गए। तलाई को पाटने की मुहिम में गणेशनगर व आस-पास के मोहल्लों से बुधवार सुबह सवा दस बजे ही महिला-पुरुष धोलाखाड़ा तलाई पर इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। जिन परिवारों के मासूम इस तलाई में डूबे, उनके परिजन भी प्रदर्शन में साथ हो गए। सभी ने तलाई को बंद कराने की मांग उठाई और वहां नारेबाजी शुरू कर प्रशासन को सूचना भेज दी। 11 बजकर 45 मिनट पर नगर पालिका आयुक्त शांतिलाल आमेटा, तहसीलदार हरिशंकर जोशी तलाई पर पहुंचे तो महिलाओं ने जमकर विरोध जताया। बाद में महिलाओं ने आयुक्त तथा तहसीलदार से यहां अब तक हुई मौतों का हवाला देते हुए तलाई को बंद करवाने की मांग रखी। 25 महिलाओं ने तलाई पाटने का काम शुरू नहीं होने तक पानी नहीं पीने की बात कह दी। दोपहर करीब 12 बजकर 20 मिनट पर तहसीलदार जोशी ने पालिका आयुक्त को तलाई से पानी खाली कर इसे पाटने के आदेश दिए तो लोगों ने गिरिराज धरण के जयकारे शुरू कर दिए। आयुक्त के आदेश पर दोपहर 1 बजकर 20 मिनट पर पालिका के कर्मचारी सब्बल, घन व गैंतियों के साथ पहुंचे और तलाई की दीवार को तोडऩा शुरू कर दिया।
नाथद्वारा. तलाई पर प्रदर्शन करते गणेशनगर क्षेत्र के महिला-पुरुष।
नाथद्वारा. तलाई पर गणेशनगर क्षेत्र के लोगों द्वारा प्रदर्शन करने के बाद अधिकारी हरकत में आए और कार्रवाई शुरू हुई। तलाई की दीवार में सुराख बनाते हुए ((ऊपर)) और बह निकली जलधार।
बदल पाएगा तलाई का स्वरूप ?
महिलाएं धरने पर बैठी, 2 घंटे प्रदर्शन, तब आया प्रशासन, तलाई में कराया सुराख
29 जनवरी, 14 को प्रकाशित
अब यह अड़चन, जमीन वन विभाग की
सीमा जानकारी में यह तलाई वन विभाग के क्षेत्र में निकली है। हालांकि प्रशासन व पालिका के अधिकारियों ने गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकर इसे पाटने पर फैसला करवाने की बात कही है। पालिका के ईओ का कहना है कि वे पालिका बोर्ड की अगली बैठक में इस मुद्दे को रखेंगे।
ऐसी है यह तलाई
बुजुर्ग बताते हैं कि 1500 सौ स्क्वायर वर्ग फीट चौड़ाई व 50 फीट गहरी यह तलाई करीब 70 साल पहले अकाल के दौरान लोगों को पानी की सुविधा मुहैया कराने के लिए बनवाई गई थी। जरूरत खत्म होने के बाद इसका कोई उपयोग नहीं हो रहा था। नीचे से पक्की होने के कारण इसमें बारिश व नालियों से निकलने वाला गंदा पानी सालभर भरा रहता था।
लोग बोले, पार्क बनवा दो
इधर, गणेशनगर के बाशिंदों ने तलाई पर पार्क बनवाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि शहर की टेकरी पर होने से तलाई पर पार्क बनाकर विकसित किया जा सकता है। करीब 1500 घरों की बस्ती के लोगों के लिए तलाई सुबह-शाम सुकून दे सकती है। युवक कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष कोमल पालीवाल ने पालिका से यहां लाइटें लगवाने की मांग भी की। इस पर आयुक्त ने शीघ्र ही सुविधा दिलाने का आश्वासन दिया।