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कुंभाजी के किले में छिड़े पूर्वांचल के सुर

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - कुंभलगढ़
उत्सव के दूसरे दिन बुधवार की शाम कुंभलगढ़ की फिजा में पूर्वांचल के सुरों की बयार बही। कला-संस्कृति को पल्लवित करने वाले मेवाड़ी महाराणा कुंभा के किले में भोजपुरी गायिका मालिनी अवस्थी ने अवधी अल्फाज में शोहरा, दादरा, बन्ना व कजरी की लाजवाब प्रस्तुतियां दीं। मालिनी ने राजस्थानी में भी गीत गाए। जैसे जैसे दर्शक फरमाइश करते गए वैसे वैसे उन्होंने गीतों की भाषा पर अपनी पकड़ का प्रदर्शन किया।
आयोजन था कुंभलगढ़ फेस्टिवल की संध्याकालीन प्रस्तुतियों का। गऊनई प्रस्तुतियों में प्यार की तो कभी तकरार की। कभी विरह वेदना की और कभी चुहलबाजी की खुशबू महसूस होती रही।
दरअसल गऊनई विधा में खुशियों के अवसर पर लोकगीत गाए जाते हैं। दुधिया रोशनी से नहाए मंच पर मालिनी ने कुंभलगढ़ दुर्ग की देवी को समर्पित गीत तोरे शरण में आई जगदम्बा... से शुभारंभ किया। केसरिया बालम..., केसरिया बन्ना बागां में आयो रे..., सय्या मिले रंग में का करूं..., रेलिया बैरन पिया को लिये जाये रे... की प्रस्तुति दी। रसिया होली में केसरिया बालम..., कजरी गीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने लोकगीतों पर आधारित दादरा, शोहर, बन्ना, झूला, चेती विवाह गीतों की प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान दर्शकों की मांग पर उन्होंने राजस्थानी में व सूफियाना भजनों की प्रस्तुितयां भी दीं। इन प्रस्तुतियों में मंत्रमुग्ध हुए दर्शकों ने भी तालियां बजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कार्यक्रम के दौरान उपखंड अधिकारी गोविन्दसिंह राणावत, होटल एसोसिएशन के गोवर्धनसिंह झाला,पर्यटन उपनिदेशक सुमित्रा सरोज, थाना अधिकारी प्रदीपसिंह, कुबेर सिंह सोलंकी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रकाश भाटिया ने किया। फेस्टिवल में आस पास की पंचायतों के कई लोग पहुंचे। ग्रामीणों ने दोपहर को रस्सा-कशी, मेहंदी, सहित अन्य प्रतियोगिताएं हुई। इनमें देसी-विदेशी पर्यटकों की मौजूदगी रही।



प्रतियोगिताओं में ये रहे विजेता

फेस्टिवल के दूसरे दिन साफा बाधो प्रतियोगिता में फ्रांस के मैथ्यू प्रथम रहे। चाइना की पिगनाई द्वितीय व फ्रांस की माईज तीसरे स्थान पर रही। मेहंदी प्रतियोगिता में केलवाड़ा की वनिता, कुर्सी रेस में राजसमंद की खुशबू टांक,रंगोली में केलवाड़ा की पूजा सोनी प्रथम रही। रस्सा कशी के पुरुष वर्ग में कलाकार व पर्यटकों के बीच मुकाबले में पर्यटक विजयी रहे। महिलाओं के मुकाबले में भी महिला पर्यटक विजय रहीं। विजेताओं को पर्यटन उप निदेशक सरोच व तहसीलदार गोपाल सिंह ने पुरस्कार दिए। शिक्षा विभाग के कुबेर सिंह सोलंकी, हरिओम उपाध्याय, प्रवीण श्रीमाली, मुरलीधर नागौरी उपस्थित थे।

कुंभलगढ़ फेस्टिवल : दोपहर में साफो बांधो, मेहंदी, रस्सा कशी सहित राजस्थानी प्रस्तुतियां हुईं



भोजपुरी गायिका मालिनी अवस्थी ने अवधी गीतों के साथ, शोहर, दादरा, बन्ना व कजरी की लाजवाब प्रस्तुतियां दीं